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Varanasi News: आधार कार्ड और मोबाइल नंबर को लेकर बरतें अतिरिक्त सतर्कता, डीसीपी क्राइम ने दी सलाह
Wed, 02 Jul 2025 05:02 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 02 Jul 2025 05:02 PM IST
सार
Varanasi News: पुलिस की पाठशाला में आयुर्वेद के भावी डॉक्टरों से डीसीपी क्राइम बोले- अब मानव जीवन के लिए मोबाइल नंबर भी बहुत महत्वपूर्ण।
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पुलिस की पाठशाला में शामिल छात्र- छात्राएं व डीसीपी क्राइम सरवणन टी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर से आपकी पूरी कुंडली निकाली जा सकती है। आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर को लेकर हमेशा अतिरिक्त सतर्कता बरतें। एआई के इस दौर में मानव जीवन के लिए स्वास्थ्य, धन और चरित्र के साथ ही मोबाइल नंबर भी बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह बातें डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने सोमवार को चौकाघाट राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं से कहीं।
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डीसीपी क्राइम ने कहा कि आप सभी भविष्य में आयुर्वेद के अच्छे डॉक्टर, शिक्षक और शोधार्थी होंगे। मगर, एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पढ़े-लिखे और तकनीक के जानकार लोग ही साइबर क्राइम के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। आप सभी ऑनलाइन जांच या केवाईसी के लिए या फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मास्कड आधार (आधार कार्ड का एक प्रकार है, जिसमें आपका 12 अंकों का आधार नंबर आंशिक रूप से छिपा होता है) का इस्तेमाल किया करें। अपना बायोमेट्रिक डेटा हर जगह सार्वजनिक न करें।
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पैसे से संबंधित साइबर फ्रॉड हो तो तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। अन्य किसी प्रकार का साइबर फ्रॉड हो तो तत्काल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर क्राइम की शिकायत आप सभी 112 नंबर पर भी दर्ज करा सकते हैं। थर्ड पार्टी एप कभी न डाउनलोड करें। ज्यादा अच्छा रहेगा कि आप मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर थर्ड पार्टी एप से संबंधित विकल्प को निष्क्रिय रखें।
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डीसीपी क्राइम ने कहा कि छेड़खानी या छींटाकशी या महिला संबंधी कोई अपराध हो तो छात्राएं 1090 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत करने वाली छात्रा का नाम और पता गोपनीय रखकर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. नीलम गुप्ता ने डीसीपी क्राइम का स्वागत किया।
वर्चुअल वर्ल्ड में न लालच में पड़ें, न घबराएं
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वर्चुअल वर्ल्ड में बंपर छूट, कम निवेश में तगड़ा मुनाफा, घर बैठे लाखों कमाएं जैसे झांसे में कभी न आएं। ये दावे हमेशा धोखाधड़ी वाले होते हैं। इसी तरह से कोई आपको साइबर क्राइम, सीबीआई, ट्राई, आरबीआई, ईडी का सदस्य खुद को बताते हुए फोन करे तो घबराएं नहीं...। हमेशा यह ध्यान रखें कि कोई भी एजेंसी किसी के खिलाफ कार्रवाई करती है तो उसे फोन कर यह नहीं कहती है कि पकड़ने आ रहे हैं। इसी तरह से अपने बैंक खाते से संबंधित विवरण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
पुरुषों की फोटो का भी हो रहा गलत इस्तेमाल
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने कहा कि आजकल सिर्फ महिलाओं की ही फोटो-वीडियो का गलत इस्तेमाल नहीं हो रहा है। पुरुष भी इसके शिकार हो रहे हैं। हाल ही में पुलिस कमिश्नरेट के एक सब इंस्पेक्टर की फोटो, नाम और विवरण का इस्तेमाल कर एक महिला के साथ एक जालसाज ने 15 लाख रुपये की साइबर ठगी की। सोशल मीडिया पर सीमित दायरा बनाकर रखें कि क्या शेयर करना है और क्या नहीं करना है। सोशल मीडिया में खुद के बारे में रोज अपडेट न करें कि कोई आपके विवरण का इस्तेमाल कर साइबर ठगी कर ले।
वर्चुअल वर्ल्ड में न लालच में पड़ें, न घबराएं
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वर्चुअल वर्ल्ड में बंपर छूट, कम निवेश में तगड़ा मुनाफा, घर बैठे लाखों कमाएं जैसे झांसे में कभी न आएं। ये दावे हमेशा धोखाधड़ी वाले होते हैं। इसी तरह से कोई आपको साइबर क्राइम, सीबीआई, ट्राई, आरबीआई, ईडी का सदस्य खुद को बताते हुए फोन करे तो घबराएं नहीं...। हमेशा यह ध्यान रखें कि कोई भी एजेंसी किसी के खिलाफ कार्रवाई करती है तो उसे फोन कर यह नहीं कहती है कि पकड़ने आ रहे हैं। इसी तरह से अपने बैंक खाते से संबंधित विवरण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
पुरुषों की फोटो का भी हो रहा गलत इस्तेमाल
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने कहा कि आजकल सिर्फ महिलाओं की ही फोटो-वीडियो का गलत इस्तेमाल नहीं हो रहा है। पुरुष भी इसके शिकार हो रहे हैं। हाल ही में पुलिस कमिश्नरेट के एक सब इंस्पेक्टर की फोटो, नाम और विवरण का इस्तेमाल कर एक महिला के साथ एक जालसाज ने 15 लाख रुपये की साइबर ठगी की। सोशल मीडिया पर सीमित दायरा बनाकर रखें कि क्या शेयर करना है और क्या नहीं करना है। सोशल मीडिया में खुद के बारे में रोज अपडेट न करें कि कोई आपके विवरण का इस्तेमाल कर साइबर ठगी कर ले।