फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   DCB manager scamed one and half crore in azamgarh

आजमगढ़ में डीसीबी प्रबंधक ने फर्जी खाते खोलकर किया 1.45 करोड़ का घोटाला, गिरफ्तार

Fri, 27 Oct 2017 02:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Fri, 27 Oct 2017 02:23 PM IST
विज्ञापन
DCB manager scamed one and half crore in azamgarh
हरीराम यादव - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ में समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के नाम हुए 1.45 करोड़ के घोटाले में क्राइम ब्रांच ने जिला सहकारी बैंक की कप्तानगंज शाखा के तत्कालीन प्रबंधक हरीराम यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

 

घोटाले में इनके कार्यकाल में ही फर्जी खाते खोले गए थे और इनकी मिलीभगत से ही चेकों को भुनाया गया था। गुरुवार को रोडवेज से गिरफ्तारी के समय आरोपी ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को दांत से काट भी लिया।

विज्ञापन

 

समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 के दौरान हुए 1.45 करोड़ रुपये की घोटाले की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की नेतृत्व में बनी कमेटी को सौंपी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

कमेटी में शामिल अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह ने मामले की जांच की तो पाया गया कि जून 2011 में तत्कालीन बाबू जोखन राम का स्थानांतरण महारागंज होने पर उन्होंने विधवा, विकलांग पेंशन और छात्रवृत्ति के 204 ऐसे चेक नवागत बाबू गंगासागर राय को सौंपे थे जो लाभार्थी के ना मिलने के कारण बैंकों से लौट आए थे।

 

इसे समाज कल्याण विभाग के नेशनल खाते में जमा कराना था। तत्कालीन बाबू गंगासागर राय ने इसमें से कई चेकों को विभाग के खाते में जमा कराने के बजाय जिला सहकारी बैंक कप्तानगंज के प्रबंधक की मिलीभगत से फर्जी खातों में जमा कर 1.45 करोड़ की धनराशि भुना ली। अधिकारी की मदद से धन का आहरण कर इसका गबन कर लिया गया। 

आरोपी के खिलाफ छात्रवृत्ति गबन का भी मामला है दर्ज

DCB manager scamed one and half crore in azamgarh
demo pic - फोटो : अमर उजाला
मामले की 17 जून 2015 को कप्तानगंज थाने में दर्ज कराई गई थी। इसमें डीसीबी के तत्कालीन प्रबंधक हरीराम यादव (अब सेवानिवृत्त) निवासी लछेहरा थाना कप्तानगंज के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी के खिलाफ कप्तानगंज थाने में ही छात्रवृत्ति के 12 लाख रुपये गबन का भी मामला दर्ज है।

मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच की ओर से की जा रही है। गुरुवार को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कुंवर वीपी सिंह, निरीक्षक मुकेश कुमार और आरक्षी प्रवीण सिंह को जानकारी मिली कि आरोपी आजमगढ़ रोडवेज पर कहीं जाने की फिराक में है। पुलिस ने मौके से इसे गिरफ्तार कर लिया।

इंस्पेक्टर कुंवर वीपी सिंह ने बताया कि आरोपी प्रबंधक की ओर से पहले गोविंद पुत्र सुरेश निवासी देवखरी के नाम से फर्जी खाता खुलवाया गया। फिर इसी के सत्यापन से चार और फर्जी खाते खुलवाए गए।यही नहीं फर्जी हस्ताक्षर से समाज कल्याण विभाग के नाम से भी खाता खुलवाया गया।

 

उसमें भी चेकों को भुनाया गया। एक-एक खाते में एक दिन में कई-कई चेकों को भुनाया जाता था और प्रबंधक की ओर से इसकी कोई जानकारी नहीं की जाती थी। इससे इस गबन में उनके शामिल होने की पुष्टि हुई थी। मामले में वांछित अन्य अभियुक्तों की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed