UP: मां की मौत पर बिलख पड़ीं मासूम बेटियां, इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी थी तबीयत; परिजन बोले- नहीं दी गई जानकारी
Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में इलाज के दाैरान महिला की सहारा हास्पिटल में माैत हो गई। परिजनों के हंगामे की सूचना मिलते ही माैके पर राॅबर्ट्सगंज कोतवाली की पुलिस पहुंच गई। तहरीर लेने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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UP News: सोनभद्र के राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के अखाड़ा मोहाल स्थित सहारा हास्पिटल में पेट दर्द के उपचार के लिए भर्ती एक महिला की बुधवार की तड़के मौत हो गई। खफा परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि उन्हें भरोसा दिया जाता रहा कि सब ठीक है।
अचानक हालत बिगड़ने की बात कहते हुए मरीज को आईसीयू में ले जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया गया। वह देर तक दरवाजा पीटते रहे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराजगी जता रहे लोगों को शांत कराया। पति की तहरीर और डॉक्टर के मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
परिजनों में मचा कोहराम
करमा थाना क्षेत्र के बसवां (सिरखोरा) निवासी जितेंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी रूक्मिणी (27) को पेट दर्द की शिकायत पर मंगलवार की सुबह लगभग 10 बजे सहारा हास्पीटल में भर्ती कराया था। जब वह उसे लेकर अस्पताल आए थे तब सब ठीक था।
डॉक्टर ने पानी चढ़ाने के साथ ही इंजेक्शन लगाना शुरू किया। बावजूद दर्द बना रहा। रात 12 बजे के करीब तबीयत बिगड़ती लगी। इसके बाद भी डॉक्टर-स्टाफ स्थिति नियंत्रण में होने की बात कहते रहे। पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि लगातार फोन किए जाने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंचे। वह अपने सहायक से दवा दिलवाते रहे।
सहायक के इंजेक्शन लगाने के साथ ही भोर में चार बजे के करीब उसकी मौत हो गई। चचेरे ससुर जयसिंह पटेल का कहना था कि जब वह रूक्मिणी को इलाज के लिए लाए थे, तब उसकी हालत काफी सामान्य थी। पेट दर्द-उल्टी की शिकायत थी। महिला को तीन बच्चे क्रमश: चार साल, दो साल और छह माह के हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा : कार्डिएक अरेस्ट से हुई मौत
घटना को लेकर मरीज के परिजनों ने सुबह छह बजे के करीब जब हंगामा शुरू किया तो अस्पताल में मौजूद डॉक्टर व स्टाफ भाग खड़े हुए। 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद आठ बजे के करीब पहुंचे डाॅ. संदीप ने खुद को बीएएमएस बताते हुए दावा किया कि सब कुछ ठीक था। वह लोग मरीज को दवा लगाकर नीचे आए तो परिवार वालों ने उन्हें सोए-सोए ही पानी पिला दिया। फेफड़े में पानी जाने के कारण हालत बिगड़ गई।
आईसीयू में ले जाकर उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। कहा कि लोग काफी आक्रोशित थे इसलिए वह और स्टाफ यहां से हट गए। कुछ देर बाद पहुंचे डाॅ. राहुल की तरफ से हास्पिटल के पैड पर मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया। इसमें कहा गया कि रूक्मणी निम्न रक्तचाप की गंभीर मरीज़ थी, जिनका बुधवार की भोर में तीन बजे कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट के कारण निधन हो गया। मरीज़ को तत्काल पांच मिनट का सीपीआर, संबंधित इंजेक्शन दिया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
परिवार वालों की तहरीर के आधार पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो स्थितियां सामने आएंगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - रामस्वरूप वर्मा, प्रभारी निरीक्षक राबटर्सगंज।
जांच के लिए टीम भेजी गई थी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला के फेफड़े में पानी जाने से मौत हुई। परिजनों का दावा है कि इंजेक्शन लगाने के चलते मौत हुई। किसका दावा सही है, किसका गलत। इसकी जानकारी के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जो वस्तुस्थिति सामने आएगी उसको दृष्टिगत रखते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। - डाॅ. पंकज कुमार राय, सीएमओ।