कुछ देर पहले चला था सिर पर सेहरा सजाकर, आना था दुल्हन को साथ लेकर, पर आया कफन में लिपटकर
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जिसकी थोड़ी ही देर बाद शादी होने वाली थी अचानक उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों को ये बात गले नहीं उतर रही थी कि सुमित अब उनके बीच नहीं रहा। यही कारण था कि चिकित्सक के मृत घोषित करने के बाद परिजन उसी से उलझ गए। बार-बार सुमित को इमरजेंसी में भर्ती करने की बात कहते रहे। सुमित की मौत के बाद पूरा सीएचसी परिसर परिजनों की चीत्कार से गूंज उठा।
आजमगढ़ जिले के मेहनगर के सिंहपुर निवासी सुमित गुप्ता 25 पुत्र हरीश चंद्र गुप्ता तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके बड़े भाई अमित और छोटा भाई ललित है। सुमित लगभग 15-20 दिन पहले शादी के लिए घर आया था। वह नोएडा में किसी प्राइवेट फर्म में जॉब करता था। बरात के लिए सजी गाड़ी में सुमित के साथ उसकी भाभी अंजली गुप्ता और दीदी कृष्णा भी बैठी थी।
इसके अलावा दो बच्चे श्रेया और उत्कर्ष भी उसमें बैठे थे। गाड़ी को मेहनगर थाना क्षेत्र के कटहन निवासी ड्राइवर राजेंद्र चला रहा था। राजन ने बताया कि पल्हना की तरफ से आते समय मसीरपुर तिराहे पर जैसे ही गाड़ी लालगंज की तरफ घूमी बदमाशों ने बाई तरफ से बंद शीशे के पार से ही फायर कर दिया। पीछे से शीशा टूटने की आवाज आई तो उसने घूमकर देखा।
सीट पर सुमित खून से लथपथ पड़ा था। बदमाश लालगंज बाजार की दिशा में फरार हो गए। इसके बाद उसने गाड़ी रोक दी। सीएचसी पर मौजूद चिकित्सक ने जैसे ही सुमित को मृत घोषित किया। परिजन आक्रोशित हो उठे वह बार-बार चिकित्सक से सुमित का इलाज करने और इमरजेंसी में भर्ती करने की बात कह रहे थे। इस दौरान उन्होंने चिकित्सक से हाथापाई भी कर ली।
पुलिस से भी उनकी धक्का-मुक्की हुई। हॉस्पिटल के कुछ बोर्ड आदि भी तोड़ दिए गए। घटना की फोटो खींचने पर कुछ लोगों की पिटाई भी की गई। लाख समझाने के बाद में परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे कि सुमित उनके बीच अब नहीं रहा। चिकित्सक ने डर से अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया।
हालांकि पुलिस के समझाने के बाद धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ। इस दौरान परिजनों के चीत्कार और कोहराम से पूरा सीएचसी परिसर गूंजता रहा। परिजनों के मुख से यही आवाज नहीं निकल रही थी कि लालगंज वालों ने उनके सुमित को मार दिया। भाभी और दीदी का रो-रो कर बुरा हाल था।
लड़की पक्ष के यहां फैला सन्नाटा, परिजन पहुंचे
एक तरफ सुमित की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ था, वही सुमित को गोली लगने की सूचना मिलते ही लड़की के पक्ष के यहां भी सन्नाटा पसर गया। आनन-फानन में परिजन सीएससी की तरफ भागे। लड़की के पिता लाल बहादुर गुप्ता का भी रो रो कर के बुरा हाल था।