दालमंडी वाराणसी: बारिश में सड़क व आसपास के इलाकों में जलभराव होगी कम, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन पड़ेगी; तैयारी
वाराणसी की दालमंडी चौड़ीकरण योजना दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। 650 मीटर मार्ग पर सीवर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। पहले सीवर और पेयजल, फिर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन डाली जाएगी। 17.4 मीटर चौड़े मार्ग में सड़क, फुटपाथ, डक्ट, स्ट्रीट लाइट और हरियाली की व्यवस्था होगी।
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दालमंडी चौड़ीकरण योजना का काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। करीब 650 मीटर लंबे मार्ग पर सीवर पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो गया है। योजना के तहत पहले सीवर और पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन डाली जाएगी, जिससे बारिश के दौरान सड़क और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या कम हो सके।
चौड़ीकरण के तहत करीब 650 मीटर लंबे मार्ग को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसमें 10 मीटर चौड़ी सड़क और दोनों तरफ 3.5-3.5 मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। फुटपाथ के नीचे डक्ट तैयार किए जाएंगे, जिनमें बिजली के तार, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य केबल डाले जाएंगे। मार्ग के दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ फूल-पौधे भी लगाए जाएंगे।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि चौड़ीकरण क्षेत्र में पहले सीवर और पेयजल की लाइन बिछाई जा रही है। इसके बाद स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है।
अधिकारी के अनुसार, मार्ग के एक हिस्से में करीब चार से पांच मीटर की गहराई में मुख्य सीवर पाइपलाइन डाली जा रही है। सड़क की सतह से करीब डेढ़ मीटर नीचे दोनों तरफ 250 एमएम व्यास की आरसीसी पाइप डालने की योजना है। करीब 15 से 20 घरों के बाद दोनों तरफ सीवर चैंबर बनाए जाएंगे। इन चैंबरों से आसपास के घरों की सीवर लाइन जोड़ी जाएगी। जरूरत के अनुसार चैंबरों को मुख्य गहरी सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा।
काम में ट्रेंचलेस तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत दो स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदकर पुशिंग मशीन और जैक की मदद से जमीन के नीचे पाइपलाइन डाली जा रही है। इस तकनीक से पूरी सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे निर्माण कार्य के दौरान ऊपर यातायात को भी अपेक्षाकृत कम प्रभावित किया जा सकेगा।