चक्रवात यास का असर: आज और कल भारी वर्षा के आसार, वाराणसी प्रशासन अलर्ट, इन बातों का रखें ध्यान
वाराणसी में चक्रवाती तूफान यास का असर बृहस्पतिवार को देखने को मिला। भोर से रात तक नम हवा चलती रही। कभी झमाझम तो कभी रिमझिम रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ की ओर से 28 और 29 मई को भी बिजली चमकने, तेज हवा चलने के साथ ही भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।
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चक्रवाती तूफान यास की वजह से मौसम में आए बदलाव को लेकर वाराणसी जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। लोगों को अलर्ट पर रहने को कहा है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ की ओर से 28 और 29 मई को भी बिजली चमकने, तेज हवा चलने के साथ ही भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों को आंधी, तूफान, चक्रवात से पहले शांत रहने और न घबराने और किसी तरह के अफवाह पर ध्यान ना देने की सलाह दी है। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि लोग अपने मोबाइल को चार्ज रखें। कहा कि बच्चों के लिए पहले से ही दूध, दवा का प्रबंध करना जरूरी है।
अगर कोई घर में बुजुर्ग या कोई बीमार है तो उसकी दवा का प्रबंध भी कर लेना चाहिए। जिला प्रशासन ने लोगों को यह भी चेताया है कि अगर किसी का घर असुरक्षित है तो आंधी, तूफान, चक्रवात से पहले किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। मवेशियों और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाने को कहा गया। आंधी तूफान चक्रवात के दौरान घर के अंदर हैं तो बिजली का मेन स्विच और गैस सप्लाई भी बंद कर दें।
इन नंबरो पर दे सकते हैं नुकसान की जानकारी
आठ डिग्री सेल्सियस गिरा पारा
चक्रवाती तूफान यास का असर बृहस्पतिवार को देखने को मिला। भोर से रात तक नम हवा चलती रही। कभी झमाझम तो कभी रिमझिम रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को 18.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड किया है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, शुक्रवार को भी तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान यास की वजह से ही वाराणसी आसपास के जिलों में बुधवार आधी रात बाद से मौसम बदल गया है। बुधवार को बूंदाबांदी हुई लेकिन बृहस्पतिवार को भोर से बारिश शुरू हो गई और रात तक रुक-रुक कर होती रही।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर तेज तो कहीं धीमी बारिश हुई। इसका असर यह रहा कि लोगों को उमस से राहत मिल गई, लेकिन जगह जगह जलभराव होने से समस्या बढ़ गई। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को 18.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड किया है।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि चक्रवाती तूफान जितनी मजबूती से बंगाल की खाड़ी से उठा था, अब वह कमजोर होता जा रहा है। हालांकि शुक्रवार को भी वाराणसी समेत पूर्वांचल में उतरी पूर्वी नम हवाएं चलते रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम में अचानक आए बदलाव की वजह से ही तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इधर 24 घंटे में ही अधिकतम तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस की कमी देखने को मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस था, जबकि बृहस्पतिवार को 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।