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खुलासाः पूर्वांचल से चुराए गए मोबाइल का साइबर अपराधी करते हैं इस्तेमाल, 64 मोबाइल के साथ तीन गिरफ्तार
Fri, 16 Jul 2021 07:26 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 16 Jul 2021 07:26 PM IST
सार
वाराणसी पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी के इन मोबाइलों को पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में बैठकर साइबर अपराधियों को बेचा जाता था। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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चोरी की मोबाइल के साथ गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्वांचल के जिलों से लूट और चोरी की मोबाइल खरीदकर पश्चिम बंगाल में बेचने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी के विभिन्न कंपनियों के 64 मोबाइल बरामद हुए। वाराणसी की सिगरा थाने की पुलिस ने शुक्रवार को अंधरापुल स्थित रोडवेज परिसर से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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आरोपी आजमगढ़ से सस्ते दाम पर चोरी के मोबाइल खरीद कर पश्चिम बंगाल में महंगे दाम पर बेचते थे। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि चोरी की मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर अपराधी करते हैं। आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल की कीमत आठ से 10 लाख रुपये आंकी गई है।
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एसीपी चेतगंज नितिश प्रताप सिंह ने बताया कि सिगरा थाना अंतर्गत रोडवेज चौकी इंचार्ज मोहम्मद सुफियान खान को सूचना मिली कि चोरी व लूट का मोबाइल लेकर तीन आरोपी पश्चिम बंगाल जाने वाले हैं। इसी आधार पर टीम गठित करते हुए चौकी इंचार्ज ने रोडवेज परिसर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अलग-अलग बैग में रखे कुल 64 एंडरॉयड मोबाइल बरामद हुए।
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पूछताछ के दौरान आरोपी समीम नादाब, स्वपन दास और मो साजन शेख निवासी कलियाचक थाना जिला मालदा पश्चिम बंगाल ने पुलिस को बताया कि मोबाइल आजमगढ़ स्थित रोडवेज परिसर क्षेत्र से शेखर नाम के युवक से खरीदा था। 10 से 15 हजार की मोबाइल को शेखर मात्र दो से तीन हजार रुपये में बेचता था। सस्ते मोबाइल खरीदकर पश्चिम बंगाल में पांच से आठ हजार रुपये में बेचते थे।
बताया कि इससे पहले भी दो बार शेखर से मोबाइल खरीदा गया था। आजमगढ़ से कैंट स्टेशन और पीडीडीयू नगर से होकर पटना निकलने की तैयारी में थे। पुलिस के अनुसार रोडवेज परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से शेखर की पहचान की जा रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी के ये मोबाइल पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में बैठकर साइबर अपराध करने वालों को बेचा जाता था। सिगरा थाने की पुलिस इस मामले की भी जांच शुरू कर दी है।