Varanasi News: मृत व्यक्ति के नाम पर करोड़ों का लोन, महिला को बेचा मकान; बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों पर FIR
Varanasi News: वाराणसी में मृत व्यक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का लोन स्वीकृत कर मकान बेचने के मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि दस्तावेजों में गड़बड़ी कर ऋण स्वीकृत किया गया। मामले की शिकायत पर पुलिस जांच में जुट गई है।
विस्तार
Varanasi News: बैंककर्मियों की मिलीभगत से जालसाजों ने एक मृत व्यक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का लोन लिया। उन्होंने एक महिला को विवादित मकान बेच दिया। पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज हुई।
मीना देवी ने पुलिस को बताया कि गौरीशंकर गुप्ता, संजय श्रीवास्तव और संजय सिंह ने दलाली पर एक मकान का सौदा तय कराया। सुशील तिवारी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि मकान विवाद मुक्त है और उस पर कोई कर्ज नहीं है। मीना देवी को झांसे में लेकर 27 अगस्त 2025 को मकान की रजिस्ट्री करा दी गई।
उन्होंने नगर निगम के रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज करा लिया। 3 फरवरी 2026 को बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी मकान पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह मकान बैंक में गिरवी है और न्यायालय से कुर्की का आदेश भी हो चुका है। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, मकान रंजीत झा के सीसी खाते में बंधक था। यह लोन 2018 में हरिशंकर तिवारी के नाम पर लिया गया था। हरिशंकर तिवारी की मृत्यु 2007 में ही हो चुकी थी।
जालसाजी का आरोप
मीना देवी ने आरोप लगाया कि रंजीत झा, सुशील तिवारी और बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत की। उन्होंने मृत व्यक्ति के फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर जालसाजी को अंजाम दिया। यह धोखाधड़ी करोड़ों रुपये के लोन से जुड़ी है। इस मामले में गंभीर आपराधिक साजिश की आशंका है।
पुलिस ने की कार्रवाई
चेतगंज इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डोमरी निवासी सुशील तिवारी, लक्ष्मणपुर निवासी रंजीत झा, गौरीशंकर, संजय सिंह और संजय श्रीवास्तव नामजद हैं। अर्दली बाजार शाखा के बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों पर भी आरोप हैं। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।