आजमगढ़ में एक बार फिर चली गोली, युवक को मौत के घाट उतारा
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। पुलिस मामले को जमीन और आशनाई से जोड़ कर जांच कर रही है। देर शाम तक घरवालों की ओर से कोई तहरीर नहीं गई थी। रणमो गांव निवासी विपिन यादव (22) पुत्र सलगू यादव पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था।
विपिन के घर से पांच सौ मीटर दूर स्थित डीह स्थान पर पूजा पंडाल में लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी और वहां डीजे बजाकर लोग नाच-गा रहे थे। रात करीब आठ बजे विपिन अपने घर से बाइक लेकर निकला।
मां बसंता देवी के पूछने पर उसने कहा कि दस मिनट में आ रहा हूं। इसके बाद उसका पता नहीं चला। फोन करने पर उसका मोबाइल भी बंद मिला। मां ने सोचा कि किसी परिचित के घर रुक गया होगा, सुबह आएगा।
बुधवार की सुबह गांव के लोगों ने डीह स्थान के पास विपिन की खून से लथपथ लाश देखी और घरवालों को सूचना दी। गोली विपिन के सिर, कनपटी, कंधे और पीठ में गोली मारी गई थी। उसकी बाइक बगल में खड़ी थी, जबकि चाबी हाथ में थी और मोबाइल स्विच आफ जेब में पड़ा मिला।
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाल देवगांव रूपेश सिंह मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी वाराणसी में रह कर मंडी में पल्लेदारी करने वाले उसके भाई और पिता को दी। देर शाम तक घरवालों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं थी।