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Hisar News: 41 साल पुराने जमीन विवाद में पूर्व सरपंच गिरफ्तार
Wed, 07 Oct 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:38 AM IST
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घिराय। गांव ढाणी गारण में करीब 41 साल पुराने जमीन विवाद में पुलिस ने 76 वर्षीय पूर्व सरपंच शिवलाल को गिरफ्तार किया है। मामला राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़ा है।
वर्ष 2016 में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने मामले को बंद करने की रिपोर्ट तैयार की थी, लेकिन जमीन से जुड़े दीवानी मुकदमे में शिकायतकर्ता पक्ष के हक में फैसला आने के बाद दोबारा जांच शुरू की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 8 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच अधिकारी चांदीराम ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी गई है। पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है।
1985 में बदली गई थी गिरदावरी :
शिकायतकर्ता देवी दयाल सिंगला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1985 में उनके पिता कुलवंत राय के नाम दर्ज करीब 18 एकड़ जमीन की गिरदावरी कथित तौर पर पंचायत के नाम कर दी गई। शिकायत में तत्कालीन सरपंच शिवलाल सहित अन्य लोगों पर फर्जी राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने और जमीन पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया गया था। जांच में सामने आया कि एसी-2 ग्रेड के 14 अक्टूबर 1985 के कथित आदेश और प्रस्ताव के आधार पर वर्ष 1985-86 के रोजनामचा की रपट संख्या 49-50 के माध्यम से कुलवंत राय के नाम दर्ज गिरदावरी पंचायत के नाम दुरुस्त की गई थी। हालांकि, पुलिस को संबंधित प्रस्ताव और एसी-2 ग्रेड के उक्त आदेश का मूल रिकॉर्ड नहीं मिला।
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दीवानी अदालत के फैसले के बाद जांच तेज
वर्ष 2016 में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामला बंद करने की रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद जमीन से जुड़े दीवानी मुकदमे में 22 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता पक्ष के हक में फैसला आया। 18 अप्रैल को मामले में आगे की जांच के आदेश दिए गए। दोबारा जांच में पुलिस ने राजस्व और पंचायत विभाग से रिकॉर्ड हासिल किए हैं। कुछ दस्तावेज अभी प्राप्त किए जाने बाकी हैं।
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वर्ष 2016 में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने मामले को बंद करने की रिपोर्ट तैयार की थी, लेकिन जमीन से जुड़े दीवानी मुकदमे में शिकायतकर्ता पक्ष के हक में फैसला आने के बाद दोबारा जांच शुरू की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 8 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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जांच अधिकारी चांदीराम ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी गई है। पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है।
1985 में बदली गई थी गिरदावरी :
शिकायतकर्ता देवी दयाल सिंगला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1985 में उनके पिता कुलवंत राय के नाम दर्ज करीब 18 एकड़ जमीन की गिरदावरी कथित तौर पर पंचायत के नाम कर दी गई। शिकायत में तत्कालीन सरपंच शिवलाल सहित अन्य लोगों पर फर्जी राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने और जमीन पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया गया था। जांच में सामने आया कि एसी-2 ग्रेड के 14 अक्टूबर 1985 के कथित आदेश और प्रस्ताव के आधार पर वर्ष 1985-86 के रोजनामचा की रपट संख्या 49-50 के माध्यम से कुलवंत राय के नाम दर्ज गिरदावरी पंचायत के नाम दुरुस्त की गई थी। हालांकि, पुलिस को संबंधित प्रस्ताव और एसी-2 ग्रेड के उक्त आदेश का मूल रिकॉर्ड नहीं मिला।
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दीवानी अदालत के फैसले के बाद जांच तेज
वर्ष 2016 में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामला बंद करने की रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद जमीन से जुड़े दीवानी मुकदमे में 22 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता पक्ष के हक में फैसला आया। 18 अप्रैल को मामले में आगे की जांच के आदेश दिए गए। दोबारा जांच में पुलिस ने राजस्व और पंचायत विभाग से रिकॉर्ड हासिल किए हैं। कुछ दस्तावेज अभी प्राप्त किए जाने बाकी हैं।