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वाराणसी में मंडलीय अस्पताल के वार्ड ब्वाय की सिर कूंच कर हत्या

Sat, 21 Jan 2017 08:00 PM IST
टीम डिजिटल, वाराणसी
टीम डिजिटल, वाराणसी Updated Sat, 21 Jan 2017 08:00 PM IST
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Varanasi ward boy murder
घटनास्‍थल पर पहुंचे परिवार वाले - फोटो : अमर उजाला

 मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के वार्ड ब्वाय जंगबहादुर उर्फ पिंटू (32) की शुक्रवार की रात महिला अस्पताल परिसर स्थित उसके मौसा के घर पर सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने किचन से गैस सिलेंडर उठाकर उसकी पाइप में आग लगाई और फिर उसे पिंटू पर फेंक दिया।

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गैस बहुत कम होने की वजह से पिंटू की सिर्फ पीठ जली और सिलेंडर फट नहीं सका। हत्यारे आलमारी तोड़कर जेवरात भी समेट ले गए। कोतवाली पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त पर्दे की रॉड, करछुल और गैस सिलेंडर के साथ ही मौके से बरामद चार ग्लास और शराब की बोतल को कब्जे में ले लिया है।
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हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस आशनाई से जुड़े विवाद सहित अन्य बिंदुओें को इस घटना की वजह मानकर जांच कर रही है। जिला महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स पुष्पा दीनदयाल अस्पताल परिसर स्थित कर्मचारी आवास में रहती हैं।
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उनका बड़ा बेटा पिंटू मंडलीय अस्पताल में वार्ड ब्वाय था। पिंटू के मौसा दिग्विजय सिंह महिला अस्पताल में फार्मासिस्ट और मौसी मीरा मंडलीय अस्पताल में नर्स हैं। दिग्विजय का परिवार महिला अस्पताल के पीछे बने कर्मचारी आवास में रहता है।

शुक्रवार की रात दिग्विजय के पड़ोस की स्टाफ नर्स विजय लक्ष्मी सिंह की बेटी की शादी पहड़िया स्थित एक लॉन में थी। इसी शादी में दिग्विजय अपने परिवार के साथ गए और पिंटू को घर पर रुकने के लिए बोले। पिंटू कभी अपनी मां के घर और कभी मौसी के घर पर रहता था।

गैस सिलेंडर से शव को जलाने का प्रयास

Varanasi ward boy murder
जंगबहादुर के शव को देखते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
रात साढ़े सात बजे के लगभग पिंटू ड्यूटी से खाली होकर अपनी आदत के अनुसार शराब पीकर मौसी के घर पहुंचा। बताया जाता है कि नौ बजे के लगभग चार-पांच लोग आए और पिंटू के साथ उसकी मौसी के घर में घुसे। 

बाहर से आने वाले लोग कब निकले इसका पता किसी को नहीं है। रात 12:15 बजे के लगभग दिग्विजय वापस आए और दरवाजे की कुंडी खोले तो बरामदे में खून से लथपथ पिंटू का शव आैंधें मुंह पड़ा हुआ था। उसके सिर से निकला खून चौतरफा फैला हुआ था।

शव के पास दीवार से उखाड़े गए पर्दा टांगने के रॉड, करछुल और गैस सिलेंडर पड़ा हुआ था। वहीं, अंदर के कमरे में चार ग्लास, शराब की बोतल, उबला अंडा और सिगरेट पड़ी हुई थी और सामान इधर-उधर बिखरे और आलमारी तोड़कर उससे जेवर निकालकर उनके डिब्बे फेंके गए थे।

आरोप है कि सौ नंबर पर फोन किया गया लेकिन पुलिस नहीं आई तो फिर कोतवाली थाने को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पिंटू के छोटे भाई अमित की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज कर लिया गया है। 

क्षेत्राधिकारी कोतवाली अखिलेश सिंह ने कहा कि पिंटू रोजाना जमकर शराब पीता था। इसके अलावा उसकी किसी से रंजिश या विवाद जैसी बात अब तक सामने नहीं आई है। जो लोग पिंटू के पास आए थे उनकी तस्दीक के लिए दो टीम लगाई गई है। वारदात को दूसरा रूप देने के लिए जेवरात चुराए गए हैं, हत्यारे जल्द ही हमारी पकड़ में होंगे।  
 
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