वाराणसी: मोकामा विधायक अनंत सिंह को शहर में नहीं मिली एंट्री, सिंहद्वार पर समर्थक मायूस; पहुंची लंका पुलिस
मोकामा विधायक अनंत सिंह को शुक्रवार को शहर में प्रवेश नहीं मिला। लंका पुलिस ने यातायात व्यवस्था बाधित होने का हवाला देते हुए उन्हें सिंहद्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद उनके समर्थकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। विधायक के शहर में प्रवेश नहीं मिलने की सूचना से समर्थकों में चर्चा रही। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया।
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बिहार के मोकामा विधायक अनंत सिंह के काफिले को कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार की शाम शहर में एंट्री नहीं करने दी। धनतेरस और यातायात व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने काफिले को रोका और सिर्फ पांच वाहनों के साथ बीएचयू सिंहद्वार तक पहुंचने की अनुमति दी।
काफिले में चल रही लगभग 400 गाड़ियों को छोड़कर अनंत सिंह बीएचयू के लंका स्थित सिंहद्वार आने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान बीएचयू सिंहद्वार पर मालवीय प्रतिमा के पास छात्रों और समर्थकों की ओर से पहले से तैयारियां की गई थीं। अनंत सिंह के नहीं आने से शहर के समर्थक मायूस हो गए।
बिहार के चर्चित विधायक अनंत सिंह सुबह पटना से अपने 400 गाड़ियों के काफिले के साथ प्रयागराज स्थित अपने मित्र के यहां जाने के लिए रवाना हुए। रास्ते में काफिले में गाड़ियों की संख्या बढ़ती गई। बीएचयू के लंका स्थित मालवीय प्रतिमा पर माल्यार्पण की तैयारियां थीं।
पुलिस ने की कार्रवाई
समर्थकों ने मालवीय प्रतिमा को माला-फूलों से सजाया था। विधायक अनंत सिंह के लंका पहुंचने की भनक लगते ही पुलिस सतर्क हो गई। धनतेरस पर यातायात व्यवस्था चरमराने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हाईवे पर हरसेवानंद स्कूल के पास और डाफी व नुआव के पास जेसीबी और बैरिकेडिंग लगाकर अनंत सिंह को लंका की ओर बढ़ने से रोक दिया। हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और अनंत सिंह को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने उन्हें समझाया कि धनतेरस पर यातायात व्यवस्था बाधित हो सकती है। वह सिर्फ पांच गाड़ियों के साथ आकर मालवीय प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सकते हैं। इस पर अनंत सिंह तैयार नहीं हुए और सीधे प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। वह प्रयागराज में अपने पुराने मित्र के यहां शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि विधायक को रोका नहीं गया था। उन्हें पांच गाड़ियों के साथ आने की अनुमति दी गई थी, लेकिन वह काफिला छोड़कर आने को तैयार नहीं हुए। धनतेरस पर शहर में पहले से ही भीड़ थी। ऐसे में 400 गाड़ियों के आने से यातायात व्यवस्था बाधित होती और लंबा जाम लगने की आशंका थी। बीएचयू और ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों को भी परेशानी होती।