सोनभद्र : गांव पहुंची एससी-एसटी आयोग की टीम, पीड़ितों ने जिला प्रशासन को बताया जिम्मेदार
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजेंद्र गोंड़ एवं रामसेवक खरवार दोपहर दो बजे के करीब उभ्भा गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। ग्रामीणों और पीड़ितों से मुलाकात की। उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। उन्हें बताया कि जिस सोसाइटी की जमीन को लेकर उभ्भा कांड हुआ, उस पर वे लोग दादा के जमाने से जोत कोड़ कर रहे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि सोसाइटी के नाम पर उभ्भा में करीब छह सौ बीघा जमीन है। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद एससी, एसटी आयोग के सदस्य मृतकों के परिजनों और घायलों से मिले। शासन की ओर से दी जा रही सहायता एवं सुविधाओं की जानकारी ली।
मृतक रामसुंदर की पत्नी सीता ने बताया कि उसके पति के अलावा उसकी देवरानी सुखवंती की भी गोलीकांड में मौत हुई है, जबकि उसके देवर रामनाथ, देवर रामधनी और सास सीता देवी घायल हुई हैं। मृतक अशोक की पत्नी लालदेई ने बताया कि उसकी चचिया सास बसमतिया की भी गोलीकांड में मौत हुई है। लालदेई ने बताया कि उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके लालन पालन के लिए वह चिंतित है।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद से अभी तक उन्हें जिला प्रशासन की ओर से पांच लाख, मुख्यमंत्री की ओर से 5.25 लाख और समाज कल्याण विभाग की ओर से चेक और राहत पैकेज मिला है। कांग्रेस की ओर से दस लाख रुपये का चेक दिया गया है।
घायलों ने बताया कि उन्हें शासन से अभी तक दो लाख रुपये की सहायता मिली है। करीब एक घंटे तक पीड़ितों से मिलने के बाद आयोग के सदस्य जिला मुख्यालय रवाना हो गए। आयोग के सदस्यों के साथ घोरावल एसडीएम केएस पांडे भी थे।