सोनभद्र नरसंहार : जांच हो गई तेज, एसआईटी ने घटना में शामिल लोगों के बारे में जुटाए साक्ष्य
सोनभद्र के आदर्श सहकारी कृषि समिति उभ्भा की भूमि को लेकर दस आदिवासियों की हुई हत्या की जांच तेज हो गई है। दूसरी बार डीआईजी एसआईटी रविंद्र गौड़ की अगुवाई में दस सदस्यीय टीम रविवार को जिले में पहुंची। चुर्क स्थित गेस्ट हाउस में टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर समिति से जुड़ी पत्रावलियों को खंगाला। घटना के जिम्मेदारों के बार में भी सबूत इकट्ठे किए।
17 जुलाई को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में आदर्श सहकारी कृषि समिति की भूमि को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। प्रधान पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे, धारदार हथियार और बंदूक से दूसरे पक्ष के दस लोगों की हत्या करने के साथ ही दो दर्जन से अधिक लोगों को घायल कर दिया था।
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इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम अंकित कुमार अग्रवाल और एसपी सलमान ताज पाटिल को हटाते हुए राजस्व, सहकारिता व पुलिस के अन्य 15 अफसरों समेत 28 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की विवेचना डीआईजी एसआईटी रविंद्र गौड़ की अध्यक्षता में टीम कर रही है।
सूत्रों की मानें तो लखनऊ से रविवार की शाम करीब चार बजे डीआईजी एसआईटी की अगुवाई में दस सदस्यीय टीम गेस्ट हाउस चुर्क पहुंची। टीम ने पहले से मौजूद कुछ प्रशासनिक अफसरों के साथ समिति से जुड़ी पत्रावलियों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही समिति के सदस्यों के बारे में भी साक्ष्य इकट्ठे किए।
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डीआईजी इस बिंदु पर भी जांच कर रहे हैं कि जिन अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, उनकी घटना में क्या भूमिका है। संभावना है कि सोमवार को एसआईटी टीम के कुछ सदस्य घोरावल तहसील जाकर समिति की पत्रावलियों के बारे में पता करेंगे और उभ्भा में घटना के चश्मदीदों से मुलाकात कर उनका बयान दर्ज करेंगे। देर शाम तक टीम उभ्भा की घटना के संबंध में सबूत एकत्र करने में जुटी रही। टीम में डीआईजी के अलावा एक एएसपी, इंस्पेक्टर समेत अन्य दस पुलिसकर्मी शामिल हैं।