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बलिया स्कूल का मामला : बच्चे एससी-एसटी और ओबीसी के, तो भेदभाव हुआ कैसे! जांच के लिए बनाई टीम

Sun, 01 Sep 2019 01:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 01 Sep 2019 01:21 PM IST
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school children eating mid day meal in rampur ballia
खाना खाते बच्चे। - फोटो : ANI

बलिया जिले के मिड-डे-मील में दलित बच्चों के साथ कथित भेदभाव मामले में डीएम भवानी सिंह खंगरौत और बसपा कोऑर्डिनेटर मदन राम के बीच हुए विवाद अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है। प्रारंभिक जांच के बाद अब जो चीज सामने आ रही है कि, बेहद चौंकाने वाली है।

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दरअसल बीते गुरुवार (29 अगस्त) को जिस दिन विद्यालय में बच्चों के साथ भेदभाव का आरोप लगा उस दिन एक भी बच्चा जनरल (सामान्य) वर्ग का नहीं था। कुल 18 बच्चे उपस्थित थे, जिसमें चार ओबीसी को छोड़कर बाकी 14 बच्चे एससी, एसटी के थे।
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ऐसे में भेदभाव हुआ तो हुआ कैसे। किया तो किसने किया। हालांकि मामले के तह तक जांच करने के लिए दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें रसड़ा एसडीएम विपिन जैन आईएएस व बीओ रेवती अवधेश कुमार राय शामिल है।

गौरतलब हो कि बीते गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल रामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक पर पहुंचा था, जहां उन्होंने दावा किया था कि बच्चे पिछले कई दिनों से अपने साथ भेदभाव की शिकायत कर रहे थे। इस पर उसी दिन जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगरौत भी विद्यालय में जांच करने पहुंच गए थे। इसी दौरान जिलाधिकारी ने बसपा कोआर्डिनेटर मदन राम के वहां पहुंचने पर उनपर मामले को बेवजह उछालने और राजनीति करने का आरोप लगाया था जिसके बाद नोकझोंक की स्थिति बन गई थी।

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अब इस मामले में बीएसए सुभाष गुप्त ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बीते गुरुवार को जिस दिन भेदभाव का आरोप लगा था कि उस दिन विद्यालय में सिर्फ 18 बच्चे उपस्थित थे। इसमें चार ओबीसी के थे जबकि 14 बच्चे एससी, एसटी के। बताया कि विद्यालय में कुल 42 बच्चों का नामांकन है।

इसमें सिर्फ तीन बच्चे सामान्य वर्ग के हैं। बाकी बच्चे एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब विद्यालय में 92 प्रतिशत बच्चे पिछड़े वर्ग के हैं और घटना वाले दिन अगड़ी जाति का एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया था तो भेदभाव हुआ तो हुआ कैसे हुआ ओर किया तो किसने किया!

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जांच के लिए दो सदस्यी टीम नियुक्त :
मामला तूल पकड़ने के बाद जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें रसड़ा एसडीएम आईएएस विपिन जैन और बीओ रेवती अवधेश कुमार राय शामिल है। ये लोग जांच कर जांच रिपोर्ट आगामी बुधवार को जिलाधिकारी को सौंप देंगे।   

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