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काली कमाई का कुबेर: संपत्तियों को ठिकाने लगाने में जुटे आरएस यादव के करीबी

Mon, 19 Jun 2017 12:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 19 Jun 2017 12:46 PM IST
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RS Yadav close trying to hide his properties
rs yadav - फोटो : अमर उजाला
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए एआरटीओ आरएस यादव के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच अब तक शुरू न होने से उसके करीबियों को बचाव के रास्ते तलाशने का मौका मिल गया है।
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चंदौली पुलिस ने पांच दिन पहले ही शासन को इस बारे में रिपोर्ट भेजी थी और सिफारिश की थी कि मामले की जांच ईडी, आयकर और ईओडब्ल्यू जैसी एजेंसियों से कराई जाए। अब तक न तो ईडी ने जांच शुरू की, न ही आयकर और ईओडब्लू ने।
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इसका फायदा उठाकर आरएस के करीबी उसकी काली कमाई को ठिकाने लगाने में जुटे हैं। अब तक आरएस की जिन बोगस कंपनियों की जानकारी सामने आई है, उनके कागजात में हेराफेरी की भनक भी पुलिस को लगी है।
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पुलिस ने अब तक की अपनी जांच में आरएस से जुड़ी अघोषित संपत्तियों का ब्यौरा जुटाकर उसे शासन और ईडी को भेज दी हैं लेकिन आर्थिक मामलों की जांच का तजुर्बा न होने से पुलिस की छानबीन एक दायरे में सिमटकर रह गई है।

पुलिस का भी मानना है कि आर्थिक मामलों की जानकार एजेंसियों के जांच शुरू न करने की स्थिति में इसका पूरा फायदा आरएस यादव और उसके करीबियों को होगा। पुलिस को आरएस यादव की कई बोगस कंपनियों के बारे में जानकारी मिली हैं लेकिन छापेमारी से पहले हटाए गए नगदी और गहने पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है।


पुलिस को यादव के घर तीन करोड़ नगद होने की सूचना मिली थी लेकिन पुलिस जब पहुंची तब तक नगदी के साथ ही सभी जेवरात वहां से हटाए जा चुके थे। चंदौली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस अपने स्तर से जांच में जुटी है। ईडी की भी जांच जल्द शुरू होने की संभावना है। 

 
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