ठेकेदार आत्महत्या मामला : बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद से डिप्रेशन में थे अवधेश
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वाराणसी के कबीरचौरा अस्पताल के मैटरनिटी विंग निर्माण में ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में बिजली विभाग ने उनके खिलाफ एक करोड़ दो लाख रुपये की रिकवरी जारी की थी। इसी के बाद से अवधेश लगातार अवसाद में थे और इस आरसी को समाप्त कराने के लिए भी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।
वर्ष 2015 में प्रोजेक्ट को शुरू करने के दौरान अवधेश श्रीवास्तव की फर्म ने अस्थाई बिजली कनेक्शन लिया था। मगर, लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग की खींचतान में ठेकेदार का कनेक्शन रिन्युअल नहीं किया। इस दौरान कबीरचौरा अस्पताल से कनेक्शन जोड़कर काम शुरू कर दिया।
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दिसंबर 2018 में विजिलेंस जांच में बिजली चोरी का मामला पकड़ा गया और एक साल के आंकलन के अनुसार एक करोड़ दो लाख 69 हजार रुपये का रिकवरी नोटिस जिलाधिकारी के माध्यम से तहसील को भेज दिया। हालांकि मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने वसूली रोककर इस मामले में दोबारा जांच के लिए प्रबंध निदेशक से बात भी की थी। मगर, राहत नहीं मिलने के बाद अवधेश अवसाद में थे और लगातार चक्कर काट रहे थे।
कैंट विधायक ने दिया था साथ :
बिजली निगम के रिकवरी नोटिस मामले में कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव के पास भी मदद के लिए ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव पहुंचे थे। कैंट विधायक लगातार अधिकारियों से संपर्क कर इस मामले में समाधान की कोशिश में जुटे थे। बुधवार की घटना के बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे। विधायक ने बताया कि बिजली निगम के अलावा अन्य मामलों की जानकारी नहीं थी।
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