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बिजली विभाग के ऑपरेटर की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 11 Mar 2016 02:50 AM IST
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बिजली कर्मचारी की हत्या।
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डीएवी कॉलेज के मैदान पर गुरुवार की सुबह दो नकाबपोश बदमाशों ने बिजली विभाग के आपरेटर कृष्ण मोहन (41) की गोली मारकर हत्या कर दी। बाइक से आए दोनों बदमाशों ने बेहद करीब से कृष्ण मोहन की पीठ पर गोली मारी। कृष्ण मोहन लहूलुहान होकर गिर पड़े। तब तक गोली चलने की आवाज सुन मैदान में क्रिकेट खेल रहे लड़कों ने बदमाशों को दौड़ाया लेकिन वे बाइक से दारानगर की ओर भाग निकले। कृष्ण मोहन को तत्काल मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। पिता दूधनाथ वर्मा की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस तफ्तीश में जुटी है।
मूलत: गाजीपुर के जोगापुर बड़ेसर निवासी दूधनाथ वर्मा यहां औसानगंज स्थित डीएवी पीजी कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जैतपुरा थाना क्षेत्र के ईश्वरगंगी में परिवार के साथ रहते हैं। उनके दो पुत्रों में बड़े कृष्ण मोहन वर्मा चंदौली के भुपौली कैनाल में बिजली आपरेटर के पद पर नियुक्त थे। ईश्वरगंगी स्थित आवास से ही ड्यूटी पर भुपौली आया-जाया करते थे। रोजाना की तरह गुरुवार की सुबह करीब छह बजे डीएवी कॉलेज के मैदान में वह टहलने निकले थे। करीब आधे घंटे बाद ही एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। बाइक मैदान के बाहर खड़ी की।
फिर मैदान के अंदर पहुंचे और कृष्ण मोहन के पीछे लग गए। मौका पाकर बेहद करीब से कृष्ण मोहन की पीठ पर गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही मैदान में क्रिकेट खेल रहे लड़के और टहलने आए लोग बदमाशाें की तरफ दौड़े लेकिन तब तक दोनों मैदान से बाहर निकलकर बाइक से भाग निकले। स्थानीय लोगों ने बताया कि बदमाश दारानगर की तरफ भागे। वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली, जैतपुरा, चेतगंज और आदमपुर थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने भी मौका मुआयना किया लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लग सका।
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डीएवी कॉलेज तिराहा के पास पुलिस की पिकेट भी लगती है। यहां कोतवाली और जैतपुरा थाने के सिपाहियों की ड्यूटी लगती है लेकिन सुबह जब वारदात हुई तो पिकेट पर एक भी पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। यदि पिकेट पर पुलिस कर्मी तैनात होते तो बदमाश इतनी आसानी से भाग नहीं पाते। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप था कि सूचना देने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर आई।
315 बोर के तमंचे से मारी गई गोली
शुरुआती छानबीन के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि वारदात में 315 बोर के तमंचे का इस्तेमाल हुआ है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश छुटभैये किस्म के थे। उधर, डीएवी मैदान पर घटना के वक्त मौजूद रहे लोगों ने बताया कि गोली चलाने वाला बदमाश लुंगी और टीशर्ट पहने था। जबकि उसका साथी शर्ट और पैंट पहने था। दोनों अपना चेहरा ढंके हुए थे। वहीं, कुछ का कहना यह भी था कि दो हट्टेकट्टे लोग वारदात को अंजाम देकर पैदल ही भाग निकले।
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मूलत: गाजीपुर के जोगापुर बड़ेसर निवासी दूधनाथ वर्मा यहां औसानगंज स्थित डीएवी पीजी कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जैतपुरा थाना क्षेत्र के ईश्वरगंगी में परिवार के साथ रहते हैं। उनके दो पुत्रों में बड़े कृष्ण मोहन वर्मा चंदौली के भुपौली कैनाल में बिजली आपरेटर के पद पर नियुक्त थे। ईश्वरगंगी स्थित आवास से ही ड्यूटी पर भुपौली आया-जाया करते थे। रोजाना की तरह गुरुवार की सुबह करीब छह बजे डीएवी कॉलेज के मैदान में वह टहलने निकले थे। करीब आधे घंटे बाद ही एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। बाइक मैदान के बाहर खड़ी की।
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फिर मैदान के अंदर पहुंचे और कृष्ण मोहन के पीछे लग गए। मौका पाकर बेहद करीब से कृष्ण मोहन की पीठ पर गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही मैदान में क्रिकेट खेल रहे लड़के और टहलने आए लोग बदमाशाें की तरफ दौड़े लेकिन तब तक दोनों मैदान से बाहर निकलकर बाइक से भाग निकले। स्थानीय लोगों ने बताया कि बदमाश दारानगर की तरफ भागे। वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली, जैतपुरा, चेतगंज और आदमपुर थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने भी मौका मुआयना किया लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लग सका।
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डीएवी कॉलेज तिराहा के पास पुलिस की पिकेट भी लगती है। यहां कोतवाली और जैतपुरा थाने के सिपाहियों की ड्यूटी लगती है लेकिन सुबह जब वारदात हुई तो पिकेट पर एक भी पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। यदि पिकेट पर पुलिस कर्मी तैनात होते तो बदमाश इतनी आसानी से भाग नहीं पाते। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप था कि सूचना देने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर आई।
315 बोर के तमंचे से मारी गई गोली
शुरुआती छानबीन के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि वारदात में 315 बोर के तमंचे का इस्तेमाल हुआ है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश छुटभैये किस्म के थे। उधर, डीएवी मैदान पर घटना के वक्त मौजूद रहे लोगों ने बताया कि गोली चलाने वाला बदमाश लुंगी और टीशर्ट पहने था। जबकि उसका साथी शर्ट और पैंट पहने था। दोनों अपना चेहरा ढंके हुए थे। वहीं, कुछ का कहना यह भी था कि दो हट्टेकट्टे लोग वारदात को अंजाम देकर पैदल ही भाग निकले।