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वाराणसी : राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले 'अडिग' को गिरफ्तार कर ले गई दिल्ली पुलिस

Tue, 20 Aug 2019 07:36 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 20 Aug 2019 07:36 PM IST
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Narendra Dubey appeared in court case fake documents with signature of MP nomination Vice President
कोर्ट में पेश होने जाते नरेंद्र नाथ दुबे अडिग। - फोटो : अमर उजाला

पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ चुके बनारसी धरती पकड़ अधिवक्ता नरेंद्र नाथ दुबे अडिग को धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर मंगलवार को वाराणशी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत में पेश किया गया। नई दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) के उपनिरीक्षक के आवेदन पर अडिग को ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया गया है।

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अडिग को 22 अगस्त तक नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाना है। बता दें कि अडिग वर्ष 1984 से अब तक पार्षद, एमएलए, एमएलसी, सांसद, उप राष्ट्रपति और राष्ट्रपति सभी पदों का चुनाव लड़ चुके हैं।
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नई दिल्ली से आए उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार के अनुसार 2012 में संपन्न हुए उप राष्ट्रपति चुनाव में अडिग की ओर से 40 सांसदों का हस्ताक्षरयुक्त नामांकन पत्र दाखिल किया गया था। इनमें से 20 सांसदों को प्रस्तावक और 20 सांसदों को समर्थक बताया गया था।
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आंध्रप्रदेश की सांसद पूनम प्रभाकर ने नामांकन पत्र की जांच में अपना हस्ताक्षर होने से इनकार किया तो जांच में अन्य सांसदों के हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए थे। प्रकरण को लेकर सांसद पूनम प्रभाकर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

उपनिरीक्षक ने बताया कि कैंट पुलिस के सहयोग से अडिग को वाराणसी के वरुणा पुल स्थित उनके आवास से सोमवार की शाम गिरफ्तार किया गया। उपनिरीक्षक ने अदालत को बताया कि आरोपी को रेल मार्ग से नई दिल्ली ले जाना है। ऐसे में ट्रांजिट रिमांड दिया जाए। अदालत ने कहा कि विवेचक को निर्देशित किया जाता है कि आरोपी को 22 अगस्त तक न्यायालय अवधि में पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाए।

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अंतिम जमानत के लिए गुहार लगाई, नहीं मिली सफलता :
आरोपी अडिग के अधिवक्ता होने के कारण यूपी बार काउंसिल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह और सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सीजेएम से लेकर जिला जज की कोर्ट तक अंतरिम जमानत की गुहार लगाई। हालांकि अधिवक्ताओं की दलीलें और अनुरोध काम नहीं आया।

क्यों रखा नाम अडिग : 
नरेंद्र नाथ दूबे अडिग को काशी का धरतीपकड़ भी कहा जाता है। इनका नाम है अडिग इसलिए हुआ है क्योंकि 1984 से लगातार लोकसभा, विधानसभा और स्नातक चुनाव और उपचुनाव लड़ते आ रहे हैं। हार रहे हैं मगर अपने इरादे से डिग नहीं रहे। नरेंद्र नाथ दूबे अडिग ने पांचवीं बार राष्ट्रपति चुनाव के लिए पर्चा भरा था। नरेंद्र नाथ दूबे अडिग पेशे से वाराणसी कचहरी में वकील हैं। एमए, एलएलबी की पढ़ाई कर चुके नरेंद्र नाथ दूबे अडिग 1984 में वाराणसी के एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। तब से लेकर आज तक जितने भी विधानसभा, लोकसभा, स्नातक विधान परिषद और उपचुनाव हुए सभी में नामांकन किया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी बनारस से पीएम मोदी के खिलाफ भी दावेदारी पेश की थी, मगर उनकी जमानत जब्त हो गई।

इसके आलावा दो बार राष्ट्रपति और एक बार उप राष्ट्रपति का नामंकन किया, लेकिन हर बार मामला खारिज हो गया। इन्होंने जितने भी चुनाव लड़े उनमें से कुछ किन्हीं कमियों के कारण रद्द हो गए, बाकी जो पूरे हुए उनमे से किसी में जमानत तक जब्त हो गई थी।

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