प्रेमी संग भागना चाहती थी शादीशुदा महिला, छुटकारा पाने के लिए युवक ने उठाया खौफनाक कदम
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 19 मार्च को खेत में मिली महिला की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी गोलू उर्फ वीरबहादुर यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद गिरफ्तार हुए आरोपी ने पुलिस को हत्या की जो वजह बताई, उसे सुन कर पुलिस के होश उड़ गए।
आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 19 मार्च की सुबह अरहर के खेत में शांति देवी की लाश फेंकी मिली थी। शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक आरोपी गोलू यादव और शांति एक ही गांव के रहने वाले थे। शांति का पति गुजरात में नौकरी करता था, जबकि शांति अपने चार वर्षीय बेटे के साथ घर पर ही रहती थी।
इस दौरान शांति देवी और गांव का गोलू उर्फ वीरबहादुर दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। शांति का पति गुजरात से घर आने वाला था, इसे लेकर शांति परेशान थी। वह गोलू पर भागकर शादी करने का दबाव बना रही थी। वहीं गोलू उससे छुटकारा पाना चाहता था।
शातिराना अंदाज में की हत्या
योजना के तहत 19 मार्च की भोर में गोलू ने फोन कर शांति को अरहर के खेत में बुलाया। शांति के पहुंचते ही गोलू ने कुल्हाड़ी से कई प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और कुल्हाड़ी छिपाकर घर चला गया। सुबह शांति की लाश मिलने की जानकारी हुई तो गोलू भी गांव वालों के साथ मौके पर पहुंचकर तमाशा देखने वालों में शामिल रहा।
घटना के संबंध में शांति के भाई ने उसकी जेठानी, जेठ के बेटे और गोलू के भाई लालबहादुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच पड़ताल के दौरान मुख्य आरोपी गोलू के नाम और पते की जानकारी हुई तो शुक्रवार की शाम पुलिस गोलू के घर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई।
शांति की कॉल डिटेल से पुलिस पहुंची हत्यारे तक
मुख्य आरोपी गोलू अक्सर शांति से फोन पर बात करता था। लेकिन शांति की हत्या करने के बाद उसने फोन बंद कर दिया। शांति के मोबाइल का डिटेल निकालने पर पता चला कि भोर में जिसने फोन कर बुलाया था। उसका नंबर बंद आ रहा है। इसी शक के आधार पर पुलिस गोलू यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पेश आने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।