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काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा में सेंध
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2015 02:19 AM IST
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वाराणसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह अपने असलहाधारी गार्ड के साथ मंगलवार को रेड जोन स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच गए। प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद इस दौरान कहीं भी उनके गनर को रोका नहीं गया। रेड जोन में सीआरपीएफ के दो जवानों की नजर पड़ी तो पूर्व मंत्री और गनर को रोका गया।
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पूछताछ में पता चला कि पुजारी दोनों को निकास द्वार से प्रवेश दिलाकर अंदर ले जा रहे थे। पुलिस ने पूर्व मंत्री, पुजारी और गनर को हिरासत में ले लिया। तीनों को पूरे दिन चौक थाने में बैठाए रखा गया। शाम पांच बजे उन्हें छोड़ा गया। पुजारी और गनर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बिहार के रहने वाले पूर्व केंद्रीय खाद्य मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह महाशिवरात्रि पर दर्शन-पूजन करने आए थे। भीड़ से बचने के लिए पुजारी मंगला शास्त्री उन्हें लेकर मंदिर के निकास द्वार गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक) से अंदर घुस गए। पूर्व मंत्री के साथ बिहार पुलिस का उनका गनर अमरेश सिंह भी था।
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गनर ने रिवाल्वर ले रखी थी लेकिन उसे सुरक्षाकर्मियों ने नहीं रोका। रेड जोन में पहुंचने के बाद सीआरपीएफ के जवान श्रीकांत मिश्रा और अनिल कुमार की नजर पड़ी तो उन्होंने तत्काल गनर को रोक लिया। कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस पूर्व मंत्री, गनर और पुजारी को थाने ले गई।
उनसे पूछताछ की गई। पूरे दिन उन्हें थाने में बैठाए रखा गया। सूचना के बाद पूछताछ करने एसएसपी भी पहुंचे। शाम पांच बजे गनर और पुजारी के खिलाफ प्रतिबंधित क्षेत्र में असलहा ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया। पूछताछ के बाद पूर्व मंत्री को भी छोड़ दिया गया।
वह गनर के साथ बिहार लौट गए। एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि पूर्व मंत्री और गनर को पुजारी पहले अपने घर ले गए और वहीं से उन्हें निकास द्वार तक लेकर पहुंचे थे। निकास द्वार से तीनों मंदिर में जाने का प्रयास कर रहे थे। पूर्व मंत्री से भी पूछताछ की गई। उन्हें रास्ते की जानकारी नहीं थी। पुजारी और गनर की गलती सामने आई है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।