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यूपी: नदियों के किनारे बेधड़क चल रहा अवैध खनन, प्रशासन को नहीं कोई खबर

Mon, 14 Oct 2019 05:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 14 Oct 2019 05:44 PM IST
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Illegal mining going on unaidedly along rivers in Ballia
अवैध खनन (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला

लाख प्रयास के बावजूद बलिया में अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। नदियों के किनारे धड़ल्ले से सफेद बालू का खनन किया जाता है और विभाग कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता करता है। जबकि नियमानुसार अवैध खनन के मामले में पुलिस को उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना से अवगत कराना है।

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जिले में सालों से सफेद बालू के अवैध खनन का कारोबार पुलिस व अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। इस अवैध कारोबार से जहां खनन माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं हर महीने करोड़ों के राजस्व की भी हानि हो रही है। वर्ष 2008-09 में सफेद बालू के खनन के लिए पट्टा देने पर हाईकोर्ट के रोक के बावजूद खनन का काम कभी नहीं रुका।
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हालांकि सरकार के निर्देश पर वर्ष 2017 में जिला प्रशासन की ओर से ई-टेंडरिंग की प्रकिया शुरू की गई, जिसमें कई बालू खदानों को शामिल किया गया जो घाघरा व टोंस के किनारे के हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति यह है कि गंगा, घाघरा व टोंस नदी के किनारे धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है।

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अधिकांश इलाकों में पिछले कई महीनों से रात के अंधरे में खनन का काम किया जाता है। खासकर नरहीं थाना क्षेत्र के गंगा के किनारे का इलाका खनन माफियाओं के लिए मुफीद बन गया है। इलाके के कोटवां नारायनपुर, नसीरपुर मठ, सरयां, उजियार, भरौली, गोविंदपुर, सोहांव, पलियाखास, कोट अंजोरपुर से लेकर शहर से सटे महावीर घाट, हल्दी, बैरिया तक जगह-जगह सफेद बालू का खनन बदस्तूर जारी है।

हैरानी की बात है कि शहर के महावीर घाट पर खनन कर अवैध बालू को शहर के रास्ते ही ले जाया जाता है कि लेकिन इसे रोकने को लेकर अधिकारी उदासीन बने रहते हैं। इसके अलावा घाघरा के किनारे डूहा बिहरा, कठौड़ा, लिलकर, सीसोटार, जमुई, बघुड़ी आदि गांवों के किनारे भी धड़ल्ले से अवैध खनन का काम जारी है।

टोंस नदी के किनारे चितबड़ागांव, थम्हनपुरा आदि स्थानों पर माफियाओं की ओर से सफेद बालू का खनन किया जाता है। करीब दो साल पहले शासन की ओर से खनन को लेकर निर्देश भी जारी किए। इसके तहत पुलिस खनन कार्य पर कार्रवाई नहीं करेगी लेकिन अवैध खनन की सूचना उच्चाधिकारियों को देगी ताकि अवैध खनन करने वालों पर प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई कर सकें। लेकिन किसी भी थाने की ओर से अभी तक अधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी गई है।

प्रावधान यह भी किया गया है कि अवैध खनन होना पाए जाने पर संबंधित थाने के पुलिस अफसर को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी लेकिन अभी तक इस बाबत भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एडीएम राम आसरे ने बताया कि जिले में गंगा किनारे खनन के लिए कोई पट्टा आवंटित नहीं है और गंगा के किनारे खनन पूरी तरह वर्जित है। अवैध खनन रोकने को लेकर सभी एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश भी जारी किए गए हैं। गैर पट्टा वाले क्षेत्रों में खनन को लेकर पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।

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