मऊ में मानवता शर्मसार, बीमारी और भूख से बुजुर्ग की मौत
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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। तमाम सरकारी योजनाओं के बावजूद एक बुजुर्ग की भूख और बीमारी से मौत हो गई। यह मामला तहसील क्षेत्र के चक हबीबुल्लाह गांव का है। यहां उपचार के अभाव और भूख से एक गरीब वृद्घ की मौत हो गई।
घर में वृद्घ की बीमार पत्नी और विक्षिप्त पुत्र है। सामाजिक कार्यकर्ता ने इस संबंध में तहसील दिवस में आवेदन देकर गरीब को आर्थिक मदद दिए जाने गुहार जिला प्रशासन से लगाई थी, लेकिन अधिकारियों ने उसे तवज्जो नहीं दी।
इस संबंध में संपर्क करने पर जिलाधिकारी ने हाल ही में आने की बात कहकर प्रकरण से अनभिज्ञता जताई। चक हबीबुल्लाह में गुलाब राजभर (60) का परिवार रहता है। गुलाब भूमिहीन के साथ बीमार और काफी कमजोर था। परिवार वालों के अनुसार आज तक उसका राशन कार्ड नहीं बन सका है।
मजदूरी करके वह अपना और परिवार का भरण पोषण करता था। गुलाब मधुमेह से ग्रसित हुआ तो उसकी पत्नी मेहनत मजदूरी करके परिवार की जिम्मेदारी संभालने लगी। मजदूरी से पेट भरना मुश्किल था। ऐसे में वह पति का इलाज कराने में अक्षम थी।
उपचार के अभाव में गुलाब की हालत दिन पर दिन बिगड़ती गई। घर में दो वक्त की रोटी का इंतजाम भी जब मुश्किल होने लगा तो मलकौली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी गुप्ता ने 18 अप्रैल को तहसील दिवस में इस संबंध में प्रार्थना पत्र देकर गुलाब की हालत से अधिकारियों के संज्ञान में लाया था।
प्रार्थना पत्र में लक्ष्मी गुप्ता ने गुलाब की गंभीर बीमारी का भ जिक्र किया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने इस प्रार्थना-पत्र को अनसुना कर दिया। इसी बीच 26 मई को गुलाब की मौत हो गई। गांव वालों ने चंदा जुटाकर उसके शव का दाह संस्कार तो कर दिया, लेकिन उसकी पत्नी और विक्षिप्त लड़का आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोंगो ने उसके परिवार को राशन की सुविधा देने की मांग की है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी राम दुलारे पांडेय ने कहा कि चार्ज लिए अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ है। मुझे गुलाब के बाबत कोई जानकारी नहीं थी। अब जानकारी में आया है देखते हैं जो भी स्थानीय स्तर पर सुविधा होगी उसके परिवार को दी जाएगी।
जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि उपचार के अभाव में वृद्ध की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। वाकई ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। 18 अप्रैल को लक्ष्मी गुप्ता के द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी पड़ताल की जाएगी। यदि इस मामले में कोई लापरवाही हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।