फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   half an hour continuous firing 10 died many injured ghorawal sonbhadra clash

यूपी : आधे घंटे तक लगातार होती रही फायरिंग, खूनी संघर्ष से कांप गई लोगों की रूह

Thu, 18 Jul 2019 07:17 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 18 Jul 2019 07:17 PM IST
विज्ञापन
half an hour continuous firing 10 died many injured ghorawal sonbhadra clash
मौके पर पहुंची पुलिस और पड़ी लाशें। - फोटो : अमर उजाला

सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में बुधवार को आधे घंटे तक खूनी संघर्ष हुआ था। घटना स्थल पर जो भी पहुंचा, खेत, मेड़ पर लोगों के जूते-चप्पल, जगह-जगह खून और मांस के  देखकर उसकी रूह कांप गई। पुलिस घटना के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक पूरे गांव की तस्वीर ही बदल चुकी थी।

विज्ञापन


उभ्भा गांव घोरावल तहसील का काफी दुरूह क्षेत्र है। इस गांव में किसी भी कंपनी का मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता। यहां कोई घटना होती भी है तो पुलिस को काफी देर बाद सूचना दी जाती रही है। बुधवार की सुबह करीब 11 बजे 30-32 ट्रैक्टर-ट्राली से करीब 200 लोग पहुंचकर खेत की जोताई शुरू कर दी। तभी ग्रामीणों ने मामले की सूचना सौ नंबर पर फोन कर पुलिस को दे दी थी।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद के बाद करीब 12 बजे से फायरिंग शुरू हुई। आधे घंटे तक लगातार फायरिंग हुई, लाठी-डंडे चले। इसके बावजूद पुलिस वहां नहीं पहुंच सकी। घटना के बाद जब हमलावर वहां से फरार हो गए तब उसके आधा घंटे बाद करीब साढ़े बजे पुलिस पहुंची। तब तक मौके का नजारा ही बदल चुका था।
विज्ञापन
विज्ञापन


खेत में हर तरफ जूते, चप्पल और खून के थक्के देखकर वहां पहुंचे लोगों की रूह कांप गई। थाना पुलिस भी यूपी सौ पुलिस के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद पहुंची। मोबाइल नेटवर्क ठीक न हो पाने के नाते जिला स्तरीय अधिकारियों से लेकर पुलिस तक से लोगों का संपर्क नहीं हो पा रहा था। इस नाते तमाम लोगों को घटना की सही जानकारी तक नहीं मिल पा रही थी।

घटना में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। हत्याकांड में अब तक 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें 28 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें 5 लोगों की हालत ज्यादा गंभीर बनी हुई है। मामले में 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। सोनभद्र जिला अस्पताल में नौ शवों का पोस्टमार्टम हुआ है, जबकि एक शख्स की मौत वाराणसी में अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी।

जांच के बाद ही कुछ कहेंगे : एडीजी
घोरावल के उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रिपोर्ट तलब करने के बाद से अधिकारी बिंदुवार मामले की जांच करते दिखे। एडीजी बृजभूषण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जमीन का क्या विवाद था और कितने हेक्टेयर जमीन का मामला है। विवाद के जड़ में क्या है, इन सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। इस प्रकरण में सेवानिवृत्त आईएएस का नाम आने के मामले में पूछे जाने पर कहा कि अभी वह वह मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कह पाएंगे।

ये है मामला :
मूर्तिया ग्राम पंचायत में आदर्श कोऑपरेटिव सोसाइटी उभ्भा के नाम पर करीब 600 बीघा जमीन है। इस सोसायटी का रजिस्ट्रेशन 1978 में ही समाप्त हो चुका था। इस जमीन के खेल में एक आईएएस अधिकारी का भी नाम आ रहा है। गोंड़ बिरादरी के संतोष, रामसकल, इंद्रदेव, मान सिंह, जालिम, पन्नालाल इत्यादि ने बताया कि उनकी बिरादरी के लोग कई दशक से इस जमीन पर जोताई-बुआई कर रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि पटना का कोई धीरज नाम का आदमी इस जमीन का ताल्लुकेदार बनकर प्रति बीघे के हिसाब से रुपये वसूलता था।

पिछले साल ग्राम प्रधान यज्ञदत्त गुर्जर ने करीब 112 बीघा जमीन किसी तरीके से अपने और परिजनों के नाम पर रजिस्ट्री करा ली थी। इसके बाद बुधवार को यज्ञदत्त गुर्जर और उनके पक्ष के 200 लोग जमीन जोतने के लिए पहुंचे। दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। तभी प्रधान के साथ आए लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिससे सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। प्रधान पक्ष के बाकी लोग लाठी डंडे और फावड़े लेकर टूट पड़े। दूसरे पक्ष ने भी मुकाबला करते हुए पथराव किया। सूचना पाकर थानों की पुलिस और एसपी भी पहुंच गए।

इस जमीन के खेल में एक आईएएस अधिकारी का भी नाम आ रहा है। चर्चा है कि 1955 में जब मिर्जापुर जिला था और राबर्ट्सगंज तहसील थी, तब यह जमीन आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी के नाम कर दी गई थी। इतना ही नहीं, एक आईएएस के ससुर के नाम पर चलने वाली सोसायटी को जमीन लिखे जाने के बाद 1989 में संबंधित आईएएस, उसकी पत्नी और पुत्री के नाम भी सौ-सौ बीघा जमीन, इसी जमीन में से दे दी गई थी।

दोनों पक्षों में चार महीने पहले हुई थी मारपीट :
सोसायटी की इस भूमि का मुकदमा सिविल कोर्ट में चल रहा है। मुकदमे में एक पक्ष ग्राम प्रधान यज्ञदत्त सिंह और उनके परिवार के लोग हैं, जबकि दूसरे पक्ष से गोंड जाति के रामजग, कैलाश समेत 75 लोग हैं। बताया गया कि इस जमीन पर 145 व 142 की कार्यवाही पुलिस कर चुकी है। लेकिन 146 की कार्यवाही अभी एसडीएम के यहां लंबित है। करीब चार महीने पहले इसी जमीन को लेकर घोरावल कोतवाली में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस पर दर्जनों लोगों पर पाबंदी की कार्रवाई की गई थी। यह मामला तहसील दिवस में भी आ चुका है।

सीएम योगी ने कार्रवाई के दिए आदेश :
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र में हुई घटना पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सोनभद्र के डीएम को निर्देश दिया है। उन्होंने डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने और दोषियों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कमिश्नर मिर्जापुर और एडीजी जोन वाराणसी संयुक्त रूप से इस मामले की जांच करेंगे और 24 घंटे के भीतर खामियों के लिए जिम्मेदारी तय करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना के पीड़ितों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही सोनभद्र जिलाधिकारी से गांव वालों को पट्टे क्यों नहीं दिए गए, इस पर भी रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed