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प्रेमी से ब्याह के लिए चुराए गहने
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 16 Dec 2015 02:09 AM IST
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नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री संजीव सिंह बिल्लू के घर से 50 लाख के जेवर चोरी होने के मामले में क्राइम ब्रांच ने उनकी नौकरानी मीनू और उसके प्रेमी अरुण कुमार सहित पांच लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
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सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार पांचों आरोपियों के पास से 30 लाख रुपये के जेवर और सोना बरामद हुआ है।
यह जानकारी देते हुए एसएसपी आकाश कुलहरि ने पुलिस लाइन में बताया कि मीनू और अरुण दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे।
दोनों के घरवाले तैयार नहीं थे। ऐसे में वे बाहर भागना चाहते थे। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी। अरुण ने ही मीनू को सलाह दी कि तुम जिस घर में काम करती हो, वे लोग बहुत पैसे वाले हैं।
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वहां से जेवर चुरा लो तो आगे की जिंदगी आसान हो जाएगी और दूसरे शहर में बस जाने के बाद कोई पकड़ भी नहीं पाएगा।
व्यापारी नेता संजीव सिंह बिल्लू के यहां सालों से काम करने वाली मीनू बीते सात दिसंबर की शाम मोबाइल रिचार्ज कराने की बात कहकर घर से निकली तो वापस लौटी ही नहीं।
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उसकी खोजबीन के बाद संजीव के घर की महिलाओं ने देखा कि लगभग 50 लाख रुपये के जेवरात गायब हैं। मामले की तफ्तीश के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया।
क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस की मदद से मीनू के मोबाइल नंबर की टोह लेनी शुरू की। पता चला कि वह जैतपुरा थाना क्षेत्र के कोनिया में छिपकर रह रही है।
छापेमारी की गई तो वहां मीनू के साथ कबीरचौरा महिला अस्पताल की चतुर्थ श्रेणी कर्मी का ऑटो चालक बेटा अरुण कुमार बाल्मीकि उर्फ आर्यन भी मिला।
कड़ाई से पूछताछ में पता चला कि मीनू जब घर से निकली तो जेवर उसके पास थे। जिसे उसने अरुण को सौंप दिया।
साथ ही, शिवपुरवा स्थित अपने घर न जाकर वह कोनिया गई। वहां अरुण का दोस्त चौक क्षेत्र के हीरापुर का सुनील कुमार भी था।
चोरी के जेवरात को गलाने और बेचने के लिए दोनों ने जैतपुरा के कच्ची बाग निवासी मोहन और कबीरचौरा महिला अस्पताल की ही चतुर्थ श्रेणी कर्मी के बेटे राजू कुमार से संपर्क किया।
मोहन और राजू की मदद से अरुण और सुनील ने कुछ जेवर गला भी दिए। मंगलवार को गलाए गहनों सोने को अरुण और सुनील बेचने की तैयारी में थे तभी छापेमारी हुई और वे गिरफ्तार कर लिए गए।