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फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने और प्रमोशन लेने में तीन शिक्षकों पर कार्रवाई, वसूली जाएगी पूरी सैलरी

Tue, 10 Sep 2019 04:03 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 10 Sep 2019 04:03 PM IST
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Education department takes action against three teachers who work on fake certificates In Ballia
तीन शिक्षकों पर कार्रवाई (प्रतीकात्मक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला

बलिया में शिक्षा विभाग ने फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी और पदोन्नति के मामलों में तीन शिक्षकों पर कार्रवाई की है। इसके तहत जहां गड़वार में एक सहायक अध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, बांसडीह में फर्जी अंकपंत्रों के आधार पर नौकरी के मामले में शिक्षिका पूनम यादव पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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इसके अलावा रेवती में एक शिक्षक को फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने पर उसकी सेवा समाप्त कर दी है। इन पर मुकदमा दर्ज करा कर अब तक लिए गए वेतन की रिकवरी करने का आदेश दिया गया है।
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शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक में समायोजित हुई शिक्षा क्षेत्र गड़वार के प्राथमिक विद्यालय भीखमपुर पर तैनात मीना यादव को ऐसे ही मामले में बीएसए सुभाष गुप्ता ने बर्खास्त कर दिया। उनके द्वारा अंकपत्रों में कूटरचना कर नियुक्ति पाने का आरोप है। बीएसए ने नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करते हुए मानदेय व समायोजन के दौरान वेतन आदि के रूप में भुगतानिक धनराशि की रिकवरी का आदेश दिया है।
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बीएसए ने कहा है कि अन्यथा की दशा में संबंधित शिक्षामित्र की चल-अचल संपत्ति से उक्त धनराशि की वसूली नियमानुसार होगी।   शिक्षिका पूनम यादव पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज ग्राम पंचायत खड़सरा अजीजपुर में वर्ष 2005 में शिक्षा मित्र चयन के समय शिक्षा मित्र रहीं।

मीना देवी के द्वारा प्रस्तुत अंकपत्रों में हाईस्कूल में 600 पूर्णाक में 391 प्राप्तांक व इंटरमीडिएट में 500 पूर्णाक में 289 प्राप्तांक वाला अंकपत्र लगाया गया है। जबकि शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक में समायोजन के समय हाईस्कूल में प्राप्तांक 371 व इंटरमीडिएट में 249 प्राप्तांक वाला अंकपत्र प्रस्तुत किया गया है। उनके द्वारा मूल अभिलेखों में छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद बीएसए ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।

उधर, शिक्षा क्षेत्र बांसडीह में यहां के प्राथमिक स्कूल में फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी पाकर 10 वर्षों से लगातार वेतन ले रही शिक्षिका पूनम यादव के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। बीएसए की नोटिस जारी होने के बाद से शिक्षिका फरार हैं। विभाग व पुलिस की अनौपचारिक जांच में शिक्षिका का पता भी फर्जी मिला है। बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के पिंडहरा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय पांडेय के पोखरा पर वर्ष 2009 से सहायक अध्यापिका के पद पर पूनम यादव कार्यरत थीं।

पैन कार्ड एक मिला और खुल गई कलई :
खंड शिक्षा अधिकारी बांसडीह मोतीचन्द चौरसिया द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमा के अनुसार पकड़ी थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव निवासी पूनम यादव पत्नी सुरेन्द्र यादव व पुत्री राजनरायण यादव ने आजमगढ़ में कार्यरत अपने ही नाम वाली एक शिक्षिका के अभिलेख व कागजातों को ही फर्जी रूप से लगाकर बलिया में नौकरी हासिल कर ली। शिक्षकों के ऑनलाइन भुगतान व डिजिटल ब्यौरा फीडिग के दौरान लगभग छह माह पहले वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, बलिया ने बांसडीह में कार्यरत पूनम यादव के पैन कार्ड को आजमगढ़ की शिक्षिका पूनम यादव के पैनकार्ड से मैच पाया। दोनों का पैन नंबर एक था।

आयकर की कटिग भी कई वर्षों से एक ही नंबर पर दो जगहों से हो रहा था। फर्जीवाड़ा की आशंका पर बीएसए तथा वित्त एवं लेखाधिकारी ने पूनम यादव को नोटिस देकर जबाब मांगा। खंड शिक्षा अधिकारी ने भी नोटिस देकर जवाब व अभिलेख जमा करने का निर्देश दिया। नोटिस मिलते ही पांडेय के पोखरा स्कूल से पूनम यादव मेडिकल अवकाश लेकर गायब हो गई। इन दस वर्ष में उन्हें 50 लाख वेतन भुगतान किया गया है।

अध्यापक की सेवा समाप्त :
बीएसए सुभाष गुप्ता ने शिक्षा क्षेत्र रेवती में तैनात रेवती थाना क्षेत्र के बिसौली निवासी शिक्षक नारायण यादव की सेवा समाप्त कर दी है। वह छह दिसंबर 1999 से कार्यरत थे। यहां उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए बीएड के अंकपत्र तथा शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए बीएड के अंकपत्र के अंकों में भिन्नता है। मामले को मामला कूटरचित मानते हुए इनकी सेवा भी समाप्ति कर बीएसए ने बीईओ रेवती को एफआइआर दर्ज कराने एवं वेतन इत्यादि मद में धनराशि रिकवरी कराने का निर्देश दिया है।

इस मामले में बिसौली निवासी तारकेश्वर सिंह ने आइजीआरएस के माध्यम से साक्ष्य सहित शिकायत की थी। इस तरह के मामले गांव-गांव में हैं लेकिन विभाग किसी की शिकायत के बाद ही अंकपत्रों की जांच कराता है। विभाग केवल संबंधित इंटर कालेजों से सभी का डाटा मंगा ले तो बलिया में फजीवाड़े के सैकड़ों मामले एक साथ बाहर आ सकते हैं।

जांच हो तो खुलेंगे सैकड़ों अन्य मामले :
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में ऐसे मामले सैकड़ों में हैं। विभाग यदि वास्तव में ऐसे लोगों पर कार्रवाई करना चाहता है कि तो जिन कालेजों के अंकपत्र लगाए गए हैं, वहां के प्रधानाचार्य से उस साल का डाटा मांग लें। सैकड़ों की संख्या में फर्जी अंकपत्र पर नौकरी कर रहे लोग बाहर हो सकते हैं। 

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