कार्रवाई : ठेकेदार आत्महत्या मामले में पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता हटाए गए, एक्सईएन समेत दो सस्पेंड
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ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव आत्महत्या मामले में प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण ने बड़ी कार्रवाई की है। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अंबिका सिंह को प्रशासनिक आधार पर प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता (एई) एसडी मिश्र के अलावा तत्कालीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और वर्तमान में जौनपुर के अधीक्षण अभियंता (एसई) आरआर गंगवार को निलंबित किया गया है। इस मामले में अब तक कुल नौ लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने बताया कि इनके अलावा खंडीय लेखाधिकारी दद्दन प्रसाद के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए महालेखाकार प्रयागराज को प्रस्ताव भेजा गया है। न्यायिक हिरासत में गए सहायक अभियंता आशुतोष कुमार सिंह, अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह के साथ अवर अभियंता यूएस पांडेय, वरिष्ठ सहायक संप्रेक्षा लिपिक मोनू राम मौर्य, वरिष्ठ सहायक शिविर लिपिक रजत राय को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
वाराणसी में भोजूबीर से रिंग रोड तक सड़क चौड़ीकरण के कार्य में अनियमित अनुबंध करने, शासन को हानि पहुंचाने, वित्तीय अनियमितता के लिए प्रांतीय खंड के तत्कालीन अधिशासी अभियंता और वर्तमान में जौनपुर के अधीक्षण अभियंता आरआर गंगवार और वर्तमान में वाराणसी में तैनात सहायक अभियंता एसडी मिश्र को दोषी पाया गया। इस आधार पर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम 7 के तहत अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति के साथ निलंबित कर दिया गया है।
बीती 28 अगस्त को ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव ने मुख्य अभियंता के कार्यालय में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी थी।