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KGR ग्रीन इंफ्राटेक के दो डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 08 Dec 2017 05:07 PM IST
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मुकदमा दर्ज
- फोटो : SELF
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वाराणसी लहरतारा स्थित केजीआर ग्रीन इंफ्राटेक के डायरेक्टर कन्हैयालाल सिंह और रामा प्रताप मिश्रा के खिलाफ मंडुवाडीह थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक न्यास भंग, धमकाने, अपमानित करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई गुरुवार को शिवपुर क्षेत्र की राजेंद्रपुरी कॉलोनी नवलपुर निवासी अनिल कुमार सिंह की तहरीर पर की गई। अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विज्ञापन के आधार पर उन्होंने केजीआर ग्रीन इंफ्राटिक की ओर से पहड़िया में प्रस्तावित अपार्टमेंट में टू बीएचके फ्लैट के लिए बुकिंग कराई थी।
केजीआर ग्रीन के लहरतारा स्थित ऑफिस में कंपनी के डायरेक्टरों ने उन्हें बताया था कि अपार्टमेंट वीडीए अप्रूव्ड है। जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। डायरेक्टर के कहने पर उन्होंने वर्ष 2016 में ही 21 लाख रुपये से अधिक कंपनी को दे दिए।
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इसके बदले उन्हें रसीद भी दी गई। इसके लगभग 15 महीने बाद भी जब फ्लैट का काम शुरू नहीं हुआ तो उन्हें शंका हुई। पता चला कि केजीआर ग्रीन को अभी वीडीए का अप्रूवल ही नहीं मिल पाया है।
इस पर केजीआर ग्रीन के डायरेक्टर से उन्होंने बात की और अपना पैसा वापस मांगा तो उनसे गालीगलौज की गई। पैसा लौटाने से इनकार करते हुए उन्हें धमकियां दी गईं।
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यह कार्रवाई गुरुवार को शिवपुर क्षेत्र की राजेंद्रपुरी कॉलोनी नवलपुर निवासी अनिल कुमार सिंह की तहरीर पर की गई। अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विज्ञापन के आधार पर उन्होंने केजीआर ग्रीन इंफ्राटिक की ओर से पहड़िया में प्रस्तावित अपार्टमेंट में टू बीएचके फ्लैट के लिए बुकिंग कराई थी।
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केजीआर ग्रीन के लहरतारा स्थित ऑफिस में कंपनी के डायरेक्टरों ने उन्हें बताया था कि अपार्टमेंट वीडीए अप्रूव्ड है। जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। डायरेक्टर के कहने पर उन्होंने वर्ष 2016 में ही 21 लाख रुपये से अधिक कंपनी को दे दिए।
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इसके बदले उन्हें रसीद भी दी गई। इसके लगभग 15 महीने बाद भी जब फ्लैट का काम शुरू नहीं हुआ तो उन्हें शंका हुई। पता चला कि केजीआर ग्रीन को अभी वीडीए का अप्रूवल ही नहीं मिल पाया है।
इस पर केजीआर ग्रीन के डायरेक्टर से उन्होंने बात की और अपना पैसा वापस मांगा तो उनसे गालीगलौज की गई। पैसा लौटाने से इनकार करते हुए उन्हें धमकियां दी गईं।