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भाई-बहन समेत तीन की गंगा में डूबने से मौत, मां को लोगों ने बचाया
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 20 Jun 2017 07:34 PM IST
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एकादशी पर बच्चों के संग गंगा स्नान करने गई थी मां
- फोटो : self
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गाजीपुर जिले के शेरपुर कला गांव अंतर्गत गंगा घाट पर एकादशी पर स्नान करने के दौरान डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के थे। बच्चों को बचाने में डूब रही मां को गंगा तट पर मौजूद एक व्यक्ति ने बचा लिया।
तीन लोगों की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग गंगा तट पर पहुंच गए। तटवर्ती मल्लाह ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह शवों को बाहर निकाला। गांव के मन्नू गुप्ता की पत्नी दीपा एकादशी पर भोर में अपने पुत्र मोहित (17) और पुत्री नंदनी (बेबी) (16) के साथ ही बहन के बेटे आयूष गुप्ता उर्फ टुकटुक (18) के साथ गंगा स्नान करने गई थी। इसी बीच टुकटुक एकाएक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
उसे बचाने के लिए मोहित उसके करीब पहुंचा। तब टुकटुक ने उसे जकड़ लिया और दोनों डूबने लगे। यह देख बेबी उन्हें बचाने के लिए बढ़ी, लेकिन वह भी गहरे पानी चली गई। अपनी आंखों के सामने संतानों को डूबते देख मां दीपा खुद को रोक नहीं पाई।
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वह भी आगे बढ़ी और गहरे पानी में डूबने लगी। संयोग रहा कि तब तक मौके पर मौजूद गांव के मकनू यादव तथा सुघर चौधरी किसी तरह दीपा का बाल खींचकर उसे सुरक्षित बाहर किए। लेकिन अन्य तीनों बच्चों को नहीं बचा सके।
सूचना पाकर कुछ ही देर में एसडीएम शिवप्रसाद, सीओ जनार्दन दूबे सहित मुहम्मदाबाद कोतवाल पंकज मिश्र, एसओ भांवरकोल रामकिशुन प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे, लेकिन एसडीएम ने नाबालिग होने के कारण मदद के प्रावधान न होने का हवाला दिया।
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तीन लोगों की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग गंगा तट पर पहुंच गए। तटवर्ती मल्लाह ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह शवों को बाहर निकाला। गांव के मन्नू गुप्ता की पत्नी दीपा एकादशी पर भोर में अपने पुत्र मोहित (17) और पुत्री नंदनी (बेबी) (16) के साथ ही बहन के बेटे आयूष गुप्ता उर्फ टुकटुक (18) के साथ गंगा स्नान करने गई थी। इसी बीच टुकटुक एकाएक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
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उसे बचाने के लिए मोहित उसके करीब पहुंचा। तब टुकटुक ने उसे जकड़ लिया और दोनों डूबने लगे। यह देख बेबी उन्हें बचाने के लिए बढ़ी, लेकिन वह भी गहरे पानी चली गई। अपनी आंखों के सामने संतानों को डूबते देख मां दीपा खुद को रोक नहीं पाई।
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वह भी आगे बढ़ी और गहरे पानी में डूबने लगी। संयोग रहा कि तब तक मौके पर मौजूद गांव के मकनू यादव तथा सुघर चौधरी किसी तरह दीपा का बाल खींचकर उसे सुरक्षित बाहर किए। लेकिन अन्य तीनों बच्चों को नहीं बचा सके।
सूचना पाकर कुछ ही देर में एसडीएम शिवप्रसाद, सीओ जनार्दन दूबे सहित मुहम्मदाबाद कोतवाल पंकज मिश्र, एसओ भांवरकोल रामकिशुन प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे, लेकिन एसडीएम ने नाबालिग होने के कारण मदद के प्रावधान न होने का हवाला दिया।