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अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का खेल, खर्च 60 फीसदी, काम 40 प्रतिशत

Tue, 28 Mar 2017 06:02 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 28 Mar 2017 06:02 PM IST
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Akhilesh's dream project involves corruption, spending 60 per cent, 40 per cent work
akhilesh yadav

अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर के निर्माण में किए गए भ्रष्टाचार से परदा उठना शुरू हो गया है। सोमवार को डीएम के निर्देश पर एडीएम (प्रशासन) मुनींद्रनाथ उपाध्याय ने कॉरिडोर की जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

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पता चला कि कॉरिडोर के 191.56 करोड़ के बजट का 70 फीसदी हिस्सा काम कराने के नाम पर निकाला जा चुका है, जबकि मौके पर 40 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। अब यह पता लगाया जाना है कि काम हुए बगैर निकाली गई रकम में कहां-कहां और किस-किस स्तर पर बंदरबांट हुआ है।
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कॉरिडोर के निर्माण में की गई मनमानियों और भ्रष्टाचार के बारे में ‘अमर उजाला’ ने पहले ही सवाल उठाए थे। जांच में पता चला कि कॉरिडोर का जो काम जनवरी में ही पूरा हो जाना था, वह 70 फीसदी रकम खर्च होने के बावजूद मार्च तक 40 प्रतिशत ही पूरा हुआ है।
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सपा सरकार में सिंचाई राज्यमंत्री रहे सुरेंद्र पटेल, प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा के अलावा कमिश्नर और डीएम ने कई बार कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। कॉरिडोर का काम सिंचाई विभाग की निगरानी में कार्यदायी संस्था एपको करा रही है।
 

Akhilesh's dream project involves corruption, spending 60 per cent, 40 per cent work
सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट का विवादों से रहा है पुराना नाता - फोटो : अमर उजाला

अब सभी अधिकारियों के सामने बचे हुए तीस फीसदी बजट में बाकी 60 फीसदी काम कराने की चुनौती है। उपाध्याय का कहना है कि वह जांच रिपोर्ट मंगलवार को जिलाधिकारी को सौंपेंगे।
बता दें कि होली के दिन कॉरिडोर के स्टॉक यॉर्ड में आग लग गई थी। क्षति की आकलन रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण के आदेश पर एडीएम प्रशासन ही इसकी मजिस्ट्रीयल जांच कर रहे हैं।

वहीं, भ्रष्टाचार की आशंका के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने उन्हें कॉरिडोर के निर्माण संबंधी कार्यों की भी जांच सौंपी है। सोमवार को एडीएम ने स्टॉक यॉर्ड का भी मुआयना किया। उन्हें तीन अप्रैल तक जांच पूरी करनी है।


ये हैं जांच के तथ्य

- जुलाई 2016 में काम शुरू हुआ, 191.56 करोड़ रुपये में से अब तक 124 करोड़ रुपये खर्च हुए

- 10.30 किमी के चैनलाइजेशन, तटबंध और पांच घाटों का निर्माण होना है, 6.55 कि मी के चैनलाइजेशन के अलावा तीन घाट बने

- वरुणा नदी में गिरने वाली सीवर लाइन को चौकाघाट में बन रहे एसटीपी से जोड़ने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ

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