सोनभद्र हत्याकांड : सीएम के दौरे के बाद गांव की बदलने की कवायद तेज, इन 10 बिंदुओं पर होगा कार्य
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सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में जमीन विवाद के दौरान दस लोगों की हुई हत्या के बाद अब विकास कार्य पर जोर दिया जाने लगा है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद गांव की तस्वीर बदलने के लिए कवायद तेज हो गई है।
प्रशासन की ओर से अब तक दस बिंदुओं पर सर्वे का कार्य पूरा कराया जा चुका है। अब डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। जल्द ही गांव में विकास कार्य शुरू हो जाएगा। उधर प्रधान की पावर सीज होने के बाद गठित त्रिस्तरीय संचालन समिति के सदस्यों ने अब गांव में स्थिति सामान्य बताई है।
उनका कहना है कि गांव में वे भी ग्राम पंचायत में कई कार्यों के लिए प्रस्ताव जिला प्रशासन को देंगे। घोरावल तहसील के मूर्तिया ग्राम पंचायत के राजस्व गांव उभ्भा में 17 जुलाई को जमीन संबंधी विवाद में 10 लोगों की हुई हत्या और फिर मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अब गांव में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
अति पिछड़े इस ग्राम पंचायत में अब विकास का खाका खींचने की कवायद तेज हो गई है। डीएम के निर्देश पर अब तक छूटे परिवारों के लिए शौचालय, आवास, पेंशन, राशन कार्ड, बिजली, किसान समृद्घि योजना, मृदा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत, पोषण के साथ से किसानों के पास जमीन की वर्तमान स्थिति का सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है।
इसको लेकर डाटा फीडिंग का कार्य संबंधित विभागों की ओर से कराया जा रहा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 3300 जनसंख्या वाले इस ग्राम पंचायत में अब विकास कार्य होने की उम्मीद जग गई है। उधर ग्राम प्रधान यज्ञदत्त के जेल में आने के बाद प्रशासन ने उसका पावर सीज कर दिया है। उसकी जगह त्रिस्तरीय संचालन समिति गठित किया है।
इसमें शामिल राजस्व गांव उभ्भा के कालीचरण, मूर्तिया के गामा, सपही के दीपनारायण का कहना है कि गांव में तमाम कार्य किये जाने हैं। इस पिछड़े ग्राम पंचायत में जनप्रतिनिधि जल्दी नहीं आते। इससे गांव के बदहाल स्थिति में सुधार नहीं हो सका था। अब ग्राम पंचायत में शुद्घ पेयजल के लिए पानी टंकी, नाली, खंड़जा, बंधी, सिंचाई के अन्य संसाधनों के लिए प्रशासन को प्रस्ताव दिया जाएगा, ताकि गांव का पिछड़ापन दूर हो सके।