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राष्ट्रीय आंदोलन में होगा सात नाटकों का मंचन
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वाराणसी। सेतु सांस्कृतिक केंद्र के 16वें राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन की शुरूआत विश्व रंगमंच दिवस पर 27 मार्च से होगी। आठ दिवसीय आयोजन में देश भर के नाट्य दलों द्वारा सात नाटकों का मंचन किया जाएगा और नौ नाट्य विभूतियों को राष्ट्रीय नाट्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसमें देश भर से सौ से अधिक नाट्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। वरिष्ठ नाट्यकर्मी नारायण द्रविण को लाइफ टाइम अचीवमेंट, कोलकाता की उमा झुनझुनवाला और अहमदाबाद के राजेंद्र भगत को नाट्य शिरोमणि सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा पांच लोगों को सेतु राष्ट्रीय नाट्य सम्मान दिया जाएगा। यह जानकारी सेतु के अध्यक्ष डॉ. सुनील साह, संयोजक सलीम राजा ने सोमवार को प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि 27 मार्च को नागरी नाटक मंडली प्रेक्षागृह में सम्मान समारोह और दो नाटकों का मंचन होगा। इसमें सेतु की ओर से हादसे के बाद और औरंगाबाद बिहार की संस्था ह्यूमिनिटी द्वारा कोई सदा नहीं का मंचन आफताब राणा के निर्देशन में किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य होंगे और अध्यक्षता कुंवर जी अग्रवाल करेंगे। इसी तरह अलग-अलग दिन विभिन्न नाटकों का मंचन किया जाएगा। हिंदी रंगमंच दिवस पर तीन अप्रैल को कार्यक्रम का समापन होगा। समन्वयक प्रतिमा सिन्हा, विजय प्रकाश और पल्लवी त्रिपाठी ने बताया कि आठ दिवसीय आयोजन पूरी तरह से निशुल्क है।
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उन्होंने बताया कि 27 मार्च को नागरी नाटक मंडली प्रेक्षागृह में सम्मान समारोह और दो नाटकों का मंचन होगा। इसमें सेतु की ओर से हादसे के बाद और औरंगाबाद बिहार की संस्था ह्यूमिनिटी द्वारा कोई सदा नहीं का मंचन आफताब राणा के निर्देशन में किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य होंगे और अध्यक्षता कुंवर जी अग्रवाल करेंगे। इसी तरह अलग-अलग दिन विभिन्न नाटकों का मंचन किया जाएगा। हिंदी रंगमंच दिवस पर तीन अप्रैल को कार्यक्रम का समापन होगा। समन्वयक प्रतिमा सिन्हा, विजय प्रकाश और पल्लवी त्रिपाठी ने बताया कि आठ दिवसीय आयोजन पूरी तरह से निशुल्क है।
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