सोनभद्र नरसंहार : ग्राम समाज के नाम होगी 1452 बीघा जमीन, कृषि समिति की भूमि को लेकर हुआ था विवाद
सोनभद्र के उभ्भा गांव में आदर्श सहकारी कृषि समिति की जमीन अब ग्राम समाज के खाते में दर्ज होगी। 10 आदिवासियों की हत्या के बाद जमीन से संबंधित पत्रावलियां खंगालने पर पता चला कि उभ्भा और सपही गांव में समिति के नाम 1452 बीघा जमीन है।
इसमें से 100 बीघा से ज्यादा जमीन बेच दी गई है। अब इस भूमि को सरकारी खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। समिति के सदस्यों की ओर से नोटिस का जवाब ना मिलने पर यह कार्रवाई शुरू की गई है।
जिला प्रशासन की मानें तो 24 सितंबर 1952 को आदर्श सहकारी कृषि समिति उभ्भा बनाई गई थी। समिति का कार्य क्षेत्र उभ्भा और सपही में रहा है। समिति के गठन के समय मुजफ्फरपुर जिले के हाजीपुर निवासी महेश्वर प्रसाद नारायण सिंह, बलिया के दुर्गा प्रसाद राय, केशव राय, मुजफ्फरपुर की सीता देवी, राजापुर निवासी पार्वती देवी, गाजीपुर के हरदेव नारायण राय, अमौना गया की शिवकुमारी देवी, आशा और आजमगढ़ की शिवरानी देवी, रघुराज किशोर प्रसाद नारायण सिंह, इलाहाबाद के चंद्र बृजेश्वर प्रसाद नारायण सिंह, वाराणसी के हरवंश राय सदस्य थे।
समिति बनने के दौरान महेश्वर प्रसाद नारायण सिंह एमएलसी थे। वह सर्वसम्मति से निबंधित समिति के अध्यक्ष भी चुने गए थे। समिति उभ्भा के सभी संस्थापक सदस्यों ने ग्राम सभा की 727 बीघा और सपही में 725 बीघा जमीन समिति को दी थी, लेकिन वर्तमान में समिति निष्क्रिय है।
वहीं, समिति के कुछ लोगों ने 100 बीघा से ज्यादा जमीन उभ्भा के ग्राम प्रधान यज्ञदत्त समेत अन्य लोगों के नाम बैनामा कर दिया और जमीन दाखिल खारिज भी हो गई। 17 जुलाई को ग्राम प्रधान समर्थकों के साथ ट्रैक्टर लेकर जमीन की जोताई करने गया, तो वहां दूसरे पक्ष के लोगों से विवाद हो गया।
इस दौरान विरोध कर रहे 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि आदर्श सहकारी कृषि समिति की सभी भूमि को ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।