{"_id":"5e2b55338ebc3e842d274092","slug":"crime-varanasi-news-vns507077541","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरना देने के लिए उकसाने वाले चिह्नित, तलाश शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरना देने के लिए उकसाने वाले चिह्नित, तलाश शुरू
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वाराणसी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में बेनियाबाग मैदान में धरना देने के लिए महिलाओं और पुरुषों को उकसा कर भेजने वालों की पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से धरने में शामिल और पथराव करने के 19 आरोपियों की फोटो का पोस्टर बेनिया और आसपास के क्षेत्र में चस्पा कराया गया है। अपील की गई है कि जो उन लोगों के बारे में सूचना देगा, उसका नाम और पता गुप्त रख कर पांच हजार का इनाम दिया जाएगा।
जेल भेजे गए छह लोगों से पूछताछ में पता लगा कि जैतपुरा और आदमपुर क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें कहा था कि वह सब कुछ देख लेंगे। उकसाने में बाहरी जिलों के लोग भी शामिल थे। धरना देने गए लोगों को यह नहीं पता था कि प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई है। जेल गए लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल कर धरने के लिए पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वालों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ का प्रयास पुलिस ने शुरू कर दिया है।
उधर, बेनियाबाग मैदान और आसपास दूसरे दिन शुक्रवार को पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। इस बीच पुलिस और अधिकारियों ने क्षेत्र में फोर्स के साथ चक्रमण किया। स्थानीय अभिसूचना इकाई के दरोगा और इंस्पेक्टर भी माहौल की टोह लेते रहे। इस बीच क्षेत्र का माहौल सामान्य रहा। बता दें कि ‘हम भारत के लोग’ बैनर के तले 15 महिलाएं और 10 पुरुष बृहस्पतिवार को बेनियाबाग मैदान में सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना देने गए थे। पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए बताया कि बगैर अनुमति धरना नहीं देने देंगे। पुलिस महिलाओं को उठाने लगी, इसी बीच मैदान के बाहर मौजूद भीड़ में शामिल लोगों ने पथराव किया तो पुलिस ने खदेड़ लिया। मौके से छह लोगों को गिरफ्तार कर चौक थाने में 32 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। शुक्रवार को छह अन्य को चिह्नित कर दर्ज मुकदमे में उनका शामिल किया गया। अब नामजद आरोपियों की संख्या 38 हो गई है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि धरने में शामिल लोगों के साथ ही उन्हें उकसा कर बेनियाबाग मैदान भेजने वाले भी कार्रवाई की जद में आएंगे। ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ का प्रयास किया जा रहा है।
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चिह्नित लोगों के खाते में कहां से आए पैसे
प्रशासन को इनपुट मिला है कि सीएए और एनआरसी के विरोध की अगुवाई करने वाले चिह्नित लोगों के बैंक खाते में अन्य शहरों से कुछ एनजीओ के माध्यम से पैसा जमा किया गया है। पैसा कहां से और किसके खाते में कितना आया, इसकी गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।
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आजाद और कच्ची बाग पार्क में पुलिस तैनात
धरना-प्रदर्शन की आशंका में बेनियाबाग मैदान के साथ लहुराबीर स्थित आजाद पार्क और पीलीकोठी स्थित कच्ची बाग पार्क में भी शुक्रवार को पुलिस तैनात रही। इसके साथ ही जिला मुख्यालय और बीएचयू गेट को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। एसएसपी ने थानाध्यक्षों को ताकीद की है कि बिना अनुमति चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों पर कार्रवाई करें।
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व्हाट्स एप ग्रुप्स के जरिए भीड़ जुटाने की थी तैयारी
तफ्तीश में सामने आया कि बेनियाबाग मैदान में महिलाओं का धरना शुरू होने के दोपहर बाद भीड़ जुटाने की तैयारी की गई थी। व्हाट्स एप ग्रुप बना कर लोगों को मैसेज भेजे गए थे। नई दिल्ली और लखनऊ की तरह बेनियाबाग मैदान में भी कई दिन तक धरना देने की तैयारी थी। ऐसे तीन व्हाट्स ग्रुप चिह्नित कर पुलिस उनके एडमिन की तलाश कर रही है।
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बच्चे स्कूल नहीं गए, तीन वृद्धाओं को बताया आरोपी
बेनिया और आसपास के इलाके का माहौल शुक्रवार को सामान्य रहा। अनौपचारिक बातचीत में लोगों का कहना था कि भारी पुलिस बल को तैनात देख कर बच्चे सहमे हैं। कई बच्चे शुक्रवार को स्कूल नहीं गए। पुलिस जो पोस्टर जारी की है उसमें तीन वृद्ध महिलाओं की फोटो है। भला वृद्ध महिलाएं पुलिस पर कैसे पथराव करेंगी। लोगों ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से सिर्फ माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई करे।
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जमानत निरस्त कराने की दी जाएगी अर्जी
सीएए और एनआरसी के विरोध में जुलूस निकालने के आरोप में 19 दिसंबर को बेनिया क्षेत्र से 56 और इसके बाद बजरडीहा क्षेत्र के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एसएसपी ने बताया कि जमानत पर छूटे लोगों में से कुछ लोग बृहस्पतिवार को बेनियाबाग मैदान में आयोजित धरने की पृष्ठभूमि तैयार करने वालों और इसमें शामिल लोगों के संपर्क में थे। ऐसे लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। उनकी जमानत अर्जी निरस्त कराने के लिए विवेचक की ओर से अदालत में अर्जी दी जाएगी।
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जेल भेजे गए छह लोगों से पूछताछ में पता लगा कि जैतपुरा और आदमपुर क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें कहा था कि वह सब कुछ देख लेंगे। उकसाने में बाहरी जिलों के लोग भी शामिल थे। धरना देने गए लोगों को यह नहीं पता था कि प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई है। जेल गए लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल कर धरने के लिए पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वालों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ का प्रयास पुलिस ने शुरू कर दिया है।
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उधर, बेनियाबाग मैदान और आसपास दूसरे दिन शुक्रवार को पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। इस बीच पुलिस और अधिकारियों ने क्षेत्र में फोर्स के साथ चक्रमण किया। स्थानीय अभिसूचना इकाई के दरोगा और इंस्पेक्टर भी माहौल की टोह लेते रहे। इस बीच क्षेत्र का माहौल सामान्य रहा। बता दें कि ‘हम भारत के लोग’ बैनर के तले 15 महिलाएं और 10 पुरुष बृहस्पतिवार को बेनियाबाग मैदान में सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना देने गए थे। पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए बताया कि बगैर अनुमति धरना नहीं देने देंगे। पुलिस महिलाओं को उठाने लगी, इसी बीच मैदान के बाहर मौजूद भीड़ में शामिल लोगों ने पथराव किया तो पुलिस ने खदेड़ लिया। मौके से छह लोगों को गिरफ्तार कर चौक थाने में 32 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। शुक्रवार को छह अन्य को चिह्नित कर दर्ज मुकदमे में उनका शामिल किया गया। अब नामजद आरोपियों की संख्या 38 हो गई है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि धरने में शामिल लोगों के साथ ही उन्हें उकसा कर बेनियाबाग मैदान भेजने वाले भी कार्रवाई की जद में आएंगे। ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ का प्रयास किया जा रहा है।
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चिह्नित लोगों के खाते में कहां से आए पैसे
प्रशासन को इनपुट मिला है कि सीएए और एनआरसी के विरोध की अगुवाई करने वाले चिह्नित लोगों के बैंक खाते में अन्य शहरों से कुछ एनजीओ के माध्यम से पैसा जमा किया गया है। पैसा कहां से और किसके खाते में कितना आया, इसकी गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।
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आजाद और कच्ची बाग पार्क में पुलिस तैनात
धरना-प्रदर्शन की आशंका में बेनियाबाग मैदान के साथ लहुराबीर स्थित आजाद पार्क और पीलीकोठी स्थित कच्ची बाग पार्क में भी शुक्रवार को पुलिस तैनात रही। इसके साथ ही जिला मुख्यालय और बीएचयू गेट को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। एसएसपी ने थानाध्यक्षों को ताकीद की है कि बिना अनुमति चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों पर कार्रवाई करें।
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व्हाट्स एप ग्रुप्स के जरिए भीड़ जुटाने की थी तैयारी
तफ्तीश में सामने आया कि बेनियाबाग मैदान में महिलाओं का धरना शुरू होने के दोपहर बाद भीड़ जुटाने की तैयारी की गई थी। व्हाट्स एप ग्रुप बना कर लोगों को मैसेज भेजे गए थे। नई दिल्ली और लखनऊ की तरह बेनियाबाग मैदान में भी कई दिन तक धरना देने की तैयारी थी। ऐसे तीन व्हाट्स ग्रुप चिह्नित कर पुलिस उनके एडमिन की तलाश कर रही है।
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बच्चे स्कूल नहीं गए, तीन वृद्धाओं को बताया आरोपी
बेनिया और आसपास के इलाके का माहौल शुक्रवार को सामान्य रहा। अनौपचारिक बातचीत में लोगों का कहना था कि भारी पुलिस बल को तैनात देख कर बच्चे सहमे हैं। कई बच्चे शुक्रवार को स्कूल नहीं गए। पुलिस जो पोस्टर जारी की है उसमें तीन वृद्ध महिलाओं की फोटो है। भला वृद्ध महिलाएं पुलिस पर कैसे पथराव करेंगी। लोगों ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से सिर्फ माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई करे।
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जमानत निरस्त कराने की दी जाएगी अर्जी
सीएए और एनआरसी के विरोध में जुलूस निकालने के आरोप में 19 दिसंबर को बेनिया क्षेत्र से 56 और इसके बाद बजरडीहा क्षेत्र के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एसएसपी ने बताया कि जमानत पर छूटे लोगों में से कुछ लोग बृहस्पतिवार को बेनियाबाग मैदान में आयोजित धरने की पृष्ठभूमि तैयार करने वालों और इसमें शामिल लोगों के संपर्क में थे। ऐसे लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। उनकी जमानत अर्जी निरस्त कराने के लिए विवेचक की ओर से अदालत में अर्जी दी जाएगी।