काली टोपी पहनकर मुन्ना बजरंगी बनना चाहता था पूर्वांचल का यह कुख्यात बदमाश, उम्र से ज्यादा आपराधिक मुकदमे
करीब दस साल पहले पूर्वांचल में जरायम की दुनिया में बाबू नाम के एक युवक के कदम रखा। 20 साल की उम्र में अपराध का दामन थामने वाला बाबू पूर्वांचल में दहशत फैलाने लगा। करोबारियों की हत्या, लूट और रंगदारी जैसी घटनाओं से लोग सहम गए।
जिस पिता ने बचपन में अपने बेटे का नाम बाबू रखा, उन्हें क्या मालूूम था कि एक दिन यही बाबू अपनी उम्र से अधिक आपराधिक मुकदमों का आरोपी बनकर पुलिस मुठभेड़ में मारा जाएगा। वर्ष 2011 में करीब 20 साल की ही उम्र में दशाश्वमेध क्षेत्र के खालिसपुरा निवासी गोपाल यादव की हत्या कर जरायम की दुनिया में कदम रखने वाले इस बदमाश पर 34 मुकदमे दर्ज हुए।
काली टोपी पहन कर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए किट्टू पूर्वांचल में चर्चित था। उसका कहना था कि काला रंग महादेव का आशीर्वाद है। महादेव ही मेरी रक्षा करते हैं और वही हमें मुन्ना बजरंगी के जैसे बनाएंगे। हालांकि किट्टू का यह सपना पूरा नहीं हो सका और पुलिस की गोलियों का शिकार होने के बाद उसका अंत हुआ। किट्टू के मारे जाने के बाद सराफा कारोबारियों ने हर्ष जताया। कहा कि पुलिस और प्रदेश सरकार पर उनका भरोसा कायम है। इस घटना से अपराधी डरेंगे और आमजन सुकून से रहेंगे। कारोबारी ने एसएसपी अमित पाठक और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी ही पुलिसिंग होनी चाहिए ताकि हर कोई सुकून से रहे।