{"_id":"5f4d4f0b8ebc3e3cfe1aa185","slug":"crime-city-news-vns544571748","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंध के बावजूद निकाला दूल्हे का जुलूस, पुलिस से हाथापाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंध के बावजूद निकाला दूल्हे का जुलूस, पुलिस से हाथापाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों ओर भीड़ जुटाने, जुलूस निकालने और समूह में धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद शिवाला क्षेत्र में दूल्हे का जुलूस निकाला गया। आरोप है कि जुलूस निकालने से मना करने पर लोगों ने पुलिस के साथ नोकझोंक और हाथापाई की। प्रकरण को लेकर दरोगा की तहरीर के आधार पर भेलूपुर थाने में शिवाला निवासी परवेज कादिर और 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
भेलूपुर थाने की अस्सी चौकी के दरोगा गौरव उपाध्याय के अनुसार वह मुहर्रम के मद्देनजर शनिवार की रात दो बजे के लगभग शिवाला क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने देखा कि परवेज कादिर एक गली से तकरीबन 60 लोगों का जुलूस लेकर सड़क पर आए और अलाव जलाने लगे। परवेज को जब समझाया गया कि कोविड-19 के कारण जुलूस आदि पर प्रतिबंध है तो वह भड़क गए। इसके बाद परवेज और उनके साथ मौजूद लोगों ने पुलिस से नोकझोंक कर हाथापाई की। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने सड़क पर जमकर अराजकता की और इसके चलते चौतरफा अफरातफरी का माहौल हो गया। भेलूपुर थाने की पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
...तो इतने गंभीर मामले का मुकदमा 24 घंटे बाद क्यों दर्ज हुआ
दरोगा गौरव के अनुसार, जुलूस शनिवार की रात दो बजे के लगभग निकाला गया। वहीं, मुकदमा लगभग 24 घंटे से ज्यादा समय बाद दर्ज किया गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि ऐसे गंभीर प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने में 24 घंटे की देरी क्यों की गई। इसके साथ ही एलआईयू और पुलिस को भनक क्यों नहीं लग पाई कि रात दो बजे 60 से ज्यादा लोग जुलूस निकाल कर मुख्य मार्ग पर आएंगे। वहीं, चर्चा यह भी रही कि रविवार की देर रात जुलूस की वीडियो क्लिप एसएसपी अमित पाठक की जानकारी में आई तो उन्होंने भेलूपुर थानाध्यक्ष सहित सभी को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद जाकर आननफानन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
भेलूपुर थाने की अस्सी चौकी के दरोगा गौरव उपाध्याय के अनुसार वह मुहर्रम के मद्देनजर शनिवार की रात दो बजे के लगभग शिवाला क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने देखा कि परवेज कादिर एक गली से तकरीबन 60 लोगों का जुलूस लेकर सड़क पर आए और अलाव जलाने लगे। परवेज को जब समझाया गया कि कोविड-19 के कारण जुलूस आदि पर प्रतिबंध है तो वह भड़क गए। इसके बाद परवेज और उनके साथ मौजूद लोगों ने पुलिस से नोकझोंक कर हाथापाई की। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने सड़क पर जमकर अराजकता की और इसके चलते चौतरफा अफरातफरी का माहौल हो गया। भेलूपुर थाने की पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
विज्ञापन
...तो इतने गंभीर मामले का मुकदमा 24 घंटे बाद क्यों दर्ज हुआ
दरोगा गौरव के अनुसार, जुलूस शनिवार की रात दो बजे के लगभग निकाला गया। वहीं, मुकदमा लगभग 24 घंटे से ज्यादा समय बाद दर्ज किया गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि ऐसे गंभीर प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने में 24 घंटे की देरी क्यों की गई। इसके साथ ही एलआईयू और पुलिस को भनक क्यों नहीं लग पाई कि रात दो बजे 60 से ज्यादा लोग जुलूस निकाल कर मुख्य मार्ग पर आएंगे। वहीं, चर्चा यह भी रही कि रविवार की देर रात जुलूस की वीडियो क्लिप एसएसपी अमित पाठक की जानकारी में आई तो उन्होंने भेलूपुर थानाध्यक्ष सहित सभी को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद जाकर आननफानन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विज्ञापन