आजमगढ़ में शिल्पकार ने बनाई ब्लैक पॉटरी की कलाकृति, छह इंच के प्लेट पर बनाया 52 पीस का डिनर सेट
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कुछ समय पहले माचिस की तीली पर 14 मिट्टी के बर्तन (पॉटरी मिनीमेचर) को बना कर रिकार्ड तोड़ने का दावा करने वाले ब्लैक पॉटरी शिल्पकार शिवरतन प्रजापित ने छह इंच के प्लेट में 52 पीस डिनर सेट बनाकर अपनी कला का एक और अद्भुत नजारा पेश किया है। ओडीओपी के तहत चयनित विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी के तहत एक नया आयाम देने की कोशिश की है।
सरकार से राज्य दक्षता पुरस्कार से पुरस्कृत हो चुके आजमगढ़ जिले के निजामाबाद के ब्लैक पार्टी के शिल्पकार शिवरतन प्रजापति ब्लैक पॉटरी की सूक्ष्म कलाकृति बनाकर अपना नाम गिनीज बुक में दर्ज कराने की इच्छा रखते हैं। 1987 में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त राजेंद्र प्रसाद प्रजापति के पुत्र शिवरतन प्रजापति कई वर्षों फ्लैक्स पाटरी के सूक्ष्म कलाकृति को बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
दो वर्ष पहले माचिस की तीली पर 14 मिट्टी के बर्तन और एक रुपये के सिक्के पर दो दर्जन मिट्टी के बर्तन बनाए थे। इन दिनों लॉकडाउन में छह इंच के प्लेट में 52 मिट्टी बर्तन (डिनर सेट) बनाया है। दावा है कि अभी तक किसी भी हस्तशिल्प कलाकार ने ऐसे नहीं किया है। इसे देखने के लिए पूरे कस्बे के लोग एकत्र हो रहे हैं।
शिवरतन प्रजापति का कहना कि गिनीज बुक में अपना नाम और स्थान दर्ज कराना चाहते हैं। इसके लिए वो कितनी भी मेहनत करने को तैयार हैं। शिवरतन प्रजापति चार भाई और एक बहन में तीसरे नंबर पर हैं। परिवार के और भी लोग ब्लैक पाटरी की कलाकृति बनाते हैं। डिजाइन ब्लैक पॉटरी की सूक्ष्म कलाकृति बनाने का हुनर शिवरतन प्रजापति के पास है। ये इनका शौक और लक्ष्य भी है।
मन में है उपेक्षा की पीड़ा
शिवरतन के मन में कुछ पीड़ा भी है। उन्होंने कहा कि 1987 में राष्ट्रपति पुरस्कार मेरे पिताजी को मिला। तब मैं उस समय बहुत छोटा था। मुझे और मेरे परिवार को बहुत गर्व हुआ। आज शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते सारी व्यवस्थाएं कुछ लोगों में ही सिमट कर रह जाती हैं। शासन कोई भी व्यवस्था ब्लैक पॉटरी के नाम पर देती है तो वह बिचौलिए के हाथ बिक जाती है। हस्तशिल्प कलाकारों तक नहीं पहुंच पाती है। कलाकारों से भी अधिकारियों को रूबरू होना चाहिए।
विश्व तक है पहचान
जनपद से 12 किलोमीटर दूर निजामाबाद कस्बा है। निजामाबाद कस्बे में 150 परिवार मिट्टी की कलाकृति तैयार करते हैं। अपने हाथों से नया रंग और डिजाइन देकर ब्लैक पॉटरी को विश्व भर में मशहूर किया है। इसी से परिवार का जीविकोपार्जन चलता है। मुंबई, दिल्ली, कानपुर, पुणे, महाराष्ट्र, गुजरात, अहमदाबाद आदि जगहों से कलाकृति खरीदने के लिए व्यापारी आते हैं। यहां के दो कलाकारों को सरकार राष्ट्रपति पुरस्कार, डेढ़ दर्जन से ज्यादा हस्तशिल्प कलाकारों को राज्य दक्षता पुरस्कार से नवाज चुकी है।