राजवारी पुल में दरार: IIT की टीम ने किया निरीक्षण, नए पुल के एक लेन से हो रहा आवागमन; दिल्ली से आएगी टीम
पुराने राजवारी पुल का आईआईटी टीम ने गहनता से निरीक्षण किया। इसमें कुछ खामियां भी मिलीं। टीम के अनुसार, अब दिल्ली से आईआईटी के सदस्य यहां आएंगे। तब तक नए पुल के एक लेन से आवागमन होता रहेगा।
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Varanasi News: आईआईटी बीएचयू और आईआईटी कानपुर की टीम ने शुक्रवार की शाम गोमती नदी पर स्थित पुराने राजवारी पुल का गहन निरीक्षण किया। पिछले दिनों वाराणसी-गाजीपुर-गोरखपुर हाइवे पर पुराने राजवारी पुल में दरार आने पर यहां से होकर गुजरने वाले वाहनों को नए पुल से एक लेन में डायवर्ट कर दिया गया।
पुराना पुल अब कमजोर हो गया है। पिछले दिनों मछुआरों ने उक्त पुराने पुल में दरार देखी तो तत्काल प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद सैदपुर एसडीएम ने उक्त पुल से आगमन पर रोक लगाकर उक्त फोर लेन को वन वे कर दिया।
तभी से वाराणसी से गाजीपुर की ओर जाने वाले वाहन नए पुल से डायवर्ट कर दिए गए। एक लेन से ही अवागमन चल रहा है। राजवारी पुल की जांच के लिए बीएचयू के चार सदस्यों की टीम अजीत पाल के नेतृत्व में राजवारी पहुंच कर नाव से निरीक्षण किया।
बेयरिंग पर पड़ रहा असर
विशेष निष्कर्ष नहीं निकलने पर आईआईटी कानपुर की तीन सदस्यीय टीम भी एचएस सिंह के नेतृत्व में पहुंची। टीम ने हाइड्रोलिक क्रेन पर सवार होकर पुल का गहन निरीक्षण किया। टीम क्रेन के जरिए पुल के सभी आठ पिलर के बगल में पहुंची। ऊपर से नीचे तक बारीकी से निरीक्षण किया।
पुल के प्रत्येक पिलर में तीन बेयरिंग हैं। ऐसे मे टीम ने सभी 24 बेयरिंग का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि कुछ बेयरिंग खतरनाक रूप से एक ओर झुकी है। जांच करने आई टीम ने बताया कि दो-तीन दिनों में दिल्ली की आईटीआई की टीम जांच करेगी। उनकी रिपोर्ट आ जाने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल पुराने पुल पर अवागमन प्रतिबंधित किया गया है।