Varanasi: किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को उम्रकैद, 8 साल पहले चाकू की नोक पर हुई थी हैवानियत
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनुतोष कुमार शर्मा की अदालत ने दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये और दूसरे पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनुतोष कुमार शर्मा की अदालत ने वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों सुरेंद्र पटेल और श्रवण कुमार बंकू को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सुरेंद्र को एक लाख 10 हजार रुपये और श्रवण को एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की 80 फीसदी राशि पीड़िता को दी जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक मधुकर उपाध्याय के अनुसार, 3 अगस्त 2015 को पीड़िता के पिता ने कपसेठी थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल गए थे। उसी दौरान पड़ोसी सुरेंद्र पटेल ने अपने सहयोगी श्रवण पटेल को उनके दरवाजे पर खड़ा किया और चाकू की नोक पर उनकी 17 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
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यह सिलसिला एक सप्ताह तक चलता रहा। डर के कारण पीड़िता ने किसी को दुष्कर्म के बारे में नहीं बताया। एक हफ्ते बाद जब वह बीमार हुई तो घटना की जानकारी दी और तब जाकर मुकदमा दर्ज कराया गया।
दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की कड़ी कैद
दुष्कर्म के एक मामले में विशेष न्यायाधीश द्वितीय (पॉक्सो एक्ट) अनुभव द्विवेदी की अदालत ने लंका थाना के नगवा निवासी अभियुक्त मिट्ठू मलिक को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त को 10 साल के सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त द्वारा जुर्माना देने पर अदालत ने आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने रखा। अभियुक्त के खिलाफ वर्ष 2019 में लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।