कोर्ट की खबरें: आईआईटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिरह, ज्ञानवापी के मामलों में पड़ी अगली तारीख
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिरह पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में अब इस मामले में 13 जनवरी को सुनवाई होगी। वहीं ज्ञानवापी मामले में 27 जनवरी को सुनवाई हुई। वहीं शृंगार गौरी मामले में 28 जनवरी को सुनवाई होगी।
विस्तार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी- प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में मंगलवार को आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई हुई। पीड़िता से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। जिरह पूरी न हो सकी इसलिए अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 13 जनवरी तय कर दी। पीड़िता का बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज किया गया। अभियोजन की तरफ से भी पक्ष रखा गया। आरोप है कि बीएचयू परिसर में दो नवंबर 2023 की रात आईआईटी की छात्रा के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। छात्रा की तहरीर पर लंका थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में कुणाल पांडेय, सक्षम पटेल और आनंद चौहान को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तीनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं।
ज्ञानवापी मामले में 27 जनवरी को सुनवाई
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवधेश कुमार की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी परिसर में उर्स करने और मजार पर चादर चढ़ाने के मामले में कुछ हिंदू पक्षकारों को पक्षकार बनाए जाने के खिलाफ दाखिल निगरानी अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जनवरी की तिथि नियत की है। यह अर्जी लोहता के मुख्तार अहमद की तरफ से दाखिल की गई है।
शृंगार गौरी मामले में सुनवाई से अदालत का इन्कार, अब 28 जनवरी को होगी सुनवाई
जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में मंगलवार को शृंगार गौरी प्रकरण की सुनवाई हुई। इस दौरान चोलापुर निवासी जयप्रकाश रामचंद्र राजभर ने खुद को पक्षकार बनाए जाने से संबंधित अर्जी पर सुनवाई की अपील की। आग्रह भी किया गया, लेकिन अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में कोई अग्रिम आदेश नहीं आता तब तक सुनवाई करना औचित्यपूर्ण नहीं है। इसके बाद सुनवाई की अगली तिथि 28 जनवरी तय कर दी गई। यह दूसरा मामला है जब अदालत ने सुनवाई से इन्कार किया। इससे पहले जिला प्रशासन की तरफ से सील वजूखाने में बंद ताले के कपड़े बदलने की अर्जी लगाई गई थी। इसे अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है।
गंगा किनारे होटल मामले में छह अप्रैल को सुनवाई
इस दौरान बताया गया कि वाराणसी विकास प्राधिकरण, जिलाधिकारी और वारी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपना लिखित जवाब दाखिल कर दिया है। अब याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने जवाबी हलफनामे के प्रति उत्तर के लिए एक महीने का समय मांगा है। याचिकाकर्ता का दावा है कि गंगा किनारे सिर्फ 100 मीटर पर ही होटल का भव्य भवन बनाया जा रहा है। नियम है कि 200 मीटर तक निर्माण नहीं कराया जा सकता है।
वूशु खिलाड़ी पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, जबलपुर की कोर्ट में केस
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पीड़ित पति का आरोप है कि सिगरा थाना के परेड कोठी इंग्लिशिया लाइन निवासी सूरज यादव ने उनकी पत्नी और महिला कोच को प्रेम जाल में फंसा कर संबंध बनाए। सूरज और महिला कोच ने होटल के कमरे में बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो को पेन ड्राइव में भेजकर धमकी दी। 10 लाख रुपये की मांग की गई। पत्नी को तलाक देने और शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाया। पीड़ित ने बताया कि उनका बेटा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का वूशु खिलाड़ी रहा है, उसने पारिवारिक शर्मिंदगी के कारण खेल छोड़ दिया है।
क्या बोले खिलाड़ी
पति-पत्नी की लड़ाई है। इस मामले में 24 दिसंबर 2025 को जबलपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। एआई जनरेटेड वीडियो बनाकर अब इसी मामले का विवाद बढ़ाया जा रहा है। महिला की देखरेख में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं है। सारे आरोप निराधार हैं। हमारी तरफ से भी अदालत में परिवाद दाखिल किया गया है। इस पर सुनवाई चल रही है। -सूरज यादव, वूशु खिलाड़ी