जांच में खुलासा: रांची से सिर्फ कागजों पर दौड़े कफ सिरप लदे 2600 ट्रक, बनारस में एंबुलेंस से ढुलाई
Varanasi News: कफ सिरप कांड में दिन-ब-दिन नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं जांच में शुभम जायसवाल का एक और कारनामा सामने आया है। फर्जी ईवे बिल से कफ सिरप की ढुलाई की गई।
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शैली ट्रेडर्स के कर्ताधर्ता और कफ सिरप के सरगना 25 हजार के इनामी शुभम जायसवाल का एक और कारनामा जांच में सामने आया है। फर्जी ईवे बिल से राज्य कर विभाग को सिंडिकेट ने गजब का चूना लगाया। रांची से वाराणसी में 2600 ट्रक माल भेजे जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन यह ट्रक कभी भी रांची से वाराणसी नहीं पहुंचे। सिर्फ कागजों पर ही ट्रकों की आवाजाही दिखाई गई। वहीं, वाराणसी से आगे अन्य जिलों में माल भेजने के लिए फर्जी ईवे बिल में एंबुलेंस, स्कूल वाहन, ई रिक्शा, ऑटो और जीप के नंबर सामने आए हैं। इस पूरे प्रकरण में राज्य कर अधिकारियों से भी कोतवाली पुलिस ने संपर्क किया है।
कफ सिरप सिंडिकेट के पाटर्नरों ने बोगस फर्म से फर्जी ईवे बिल के जरिये माल का परिवहन दिखाया है। शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद और शुभम जायसवाल समेत अन्य फर्मों ने माल परिवहन में जिन गाड़ियों के नंबर दर्शाएं हैं वह कभी सड़क पर उतरे ही नहीं हैं। पड़ताल हुई तो सिर्फ कागजों पर रिकॉर्ड पाया गया। 2600 ट्रक से माल का परिवहन दिखाया गया, जो कभी रांची से वाराणसी आए ही नहीं है। राज्य कर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने का भी काम फर्म प्रोपराइटरों ने किया है।
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वाराणसी के फर्मों से माल का परिवहन दिखाया गया, जब ईवे बिल खंगाला गया तो उसमें दर्ज वाहनों के नंबर एंबुलेंस, ऑटो, रिक्शा, स्कूली वैन का पाया गया। यह वाहन कभी गए ही नहीं है। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि जांच में बोगस फर्मों और फर्जी ईवे बिल से माल ढुलाई की बात सामने आई है। इसकी जांच कराई जा रही है। राज्य कर अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।