कफ सिरप: शुभम समेत 18 आरोपियों की 38 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल, किंगपिन को विदेश से लाने की कवायद तेज होगी
Varanasi News: कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल, भगोड़े शुभम जायसवाल समेत 18 आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को 38 हजार की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। विदेश में छिपे शुभम जायसवाल को वाराणसी लाने की कवायद भी तेज होगी।
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Cough Syrup Case: वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के बड़े मामले में कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को 18 आरोपियों के खिलाफ करीब 38 हजार पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। इस कार्रवाई के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। वहीं, विदेश में छिपे मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को वाराणसी लाने की कवायद भी तेज किए जाने की तैयारी है।
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार, इस मामले में शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और उसका भगोड़ा बेटा शुभम जायसवाल मुख्य आरोपी हैं। भोला प्रसाद फिलहाल सोनभद्र जेल में बंद है, जबकि शुभम विदेश में छिपा हुआ है।
चार्जशीट में शामिल अन्य आरोपियों में बजरडीहा निवासी प्रतीक मिश्रा, खोजवा निवासी विशाल कुमार सोनकर, पांडेयपुर एसबीआई कॉलोनी निवासी प्रतीक कुमार, ताराधाम कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल, जालपा देवी रोड चौक निवासी आदित्य जायसवाल और गायघाट निवासी राहुल यादव के नाम प्रमुख हैं।
इसके अलावा पानदरीबा निवासी हिमांशु कसेरा, मैदागिन के सिद्धमाता गली निवासी आकाश पाठक, आजमगढ़ के वरदा थाना क्षेत्र के नरवे निवासी विकास सिंह, गाजीपुर के वाजिदपुर निवासी अंकित कुमार श्रीवास्तव, जौनपुर निवासी स्वप्निल केसरी, सप्तसागर मैदागिन निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी निवासी आशीष यादव, लंका के साकेत नगर निवासी महेश खेतान, हुकुलगंज निवासी बादल आर्या और विशाल कुमार जायसवाल को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में लिप्त था और विभिन्न जिलों में नेटवर्क फैला हुआ था। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य और दस्तावेज जुटाए गए, जिनके आधार पर विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई है।
अब पुलिस की नजर फरार मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को पकड़ने पर है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।