आजमगढ़ को मिल सकती है राहत, 21 दिन से नहीं मिला कोरोना वायरस का कोई केस
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वाराणसी के बीएचयू लैब के बंद होने से वहां 29 अप्रैल से फंसे आजमगढ़ के 20 सैंपलों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। सभी निगेटिव आए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को ये रिपोर्ट देने की तैयारी कर ली है कि 21 दिनों से यहां कोई नया कोविड-19 पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। इसके बाद कंटेमेंट एरिया को समाप्त कर यहां ढील देनी शुरू कर दी जाएगी।
जनपद में मुबारकपुर के नयापुरा चक सिकठी में आठ कोरोना कोरोना पॉजिटिव मिलने से इसे हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। नयापुर चक सिकठी के एक किमी के दायरे में कंटेंमेंट प्लान लागू था। यहां के लोगों के घरों से निकलने की आजादी नहीं थी।
लोगों को घरों तक राशन, सब्जी और दवा की डोर टू डोर सप्लाई की जा रही थी। अब नयापुरा चक सिकठी में लगभग 21 दिनों से कोरोना संक्रमित नया मरीज नहीं मिला है। ऐसे में यहां का कंटेंमेंट एरिया समाप्त करने पर जिला प्रशासन विचार कर रहा है। इसमें नयापुरा चक सिकठी से भेजे गए कुछ सैंपलों के वाराणसी लैब में फंसी रिपोर्ट बाधा बन रही थी। ये रिपोर्ट भी जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई है।
20 सैंपलों की रविवार रात को आई, जिसमें सभी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। इससे नयापुरा चक सिकठी के कंटेंमेंट एरिया को समाप्त करने के बीच में आ रही अड़चन दूर हो गई है। सीएमओ डॉ एके मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन को इस बात का प्रमाण-पत्र दिया जा रहा है कि नयापुरा चक सिकठी में 21 दिन से कोरोना संक्रमित कोई नया मरीज नहीं आया है।
वहीं, डीएम एनपी सिंह ने बताया कि जिले के एक मात्र कंटेमेंट एरिया को समाप्त कर 13 मई से यहां कुछ ढील दी जाएगी। पहले सब्जी, दवा, किराना और फलों की दुकानें खोली जाएंगी। पांच दिन बाद फिर समीक्षा कर अन्य गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
शुरू हो सकती है करघों और पावरलूम की खटर-पटर
नयापुरा चक सिकठी के कंटेंमेंट एरिया के खत्म होने पर यदि जिला प्रशासन की ओर से ढील दी गई तो रेशम नगरी में करघों और पावरलूम की खटर-पटर भी जल्द शुरू हो सकती है। रेशमी साड़ी यहां का प्रमुख उद्योग है। लाकडाउन के बाद से इस उद्योग पर ताला लगा हुआ है। इससे एक लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। सलाना डेढ़ से दो करोड़ का होने वाला कारोबार ठप हो चुका है। ढील मिलने से इस कारोबार को बी गति मिल सकती है।