लॉकडाउन: काशी विद्यापीठ शुरू करने जा रहा ये काम, छात्रों को मिलेगा फायदा
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने लॉकडाउन के दौरान छात्रों की कक्षाओं को अनवरत जारी रखने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए ऑनलाइन क्लास की तैयारी की जा रही है। छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ई-कंटेट अपलोड करना शुरू कर दिया है।
कुलपति ने छात्रों से कहा है कि वह इसका फायदा उठाएं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों से संपर्क कर अधिक से अधिक ई-कंटेंट अपलोड करें।
कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत अध्यापक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपने ई-संसाधनों पावर प्वाइंट प्रस्तुतियां, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान के साथ निरंतर अकादमिक संवाद के लिए उपस्थित हैं। छात्रों से आग्रह(अनुरोध) है कि वे संबंधित सामग्री का अवलोकन करते हुए मेल करके अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि महामारी की विभीषिका में ई-लर्निंग वरदान की तरह है। अध्ययन की यात्रा की निरंतरता को बनाए रखने में ई-लर्निंग की सकारात्मकता हमारी सामर्थ्य में बढ़ोतरी करेगी।
नोडल अधिकारी प्रो. निरंजन सहाय ने बताया कि वेबसाइट को पिछले दिनों अपडेट किया गया है और यह छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगी। आईक्यूएसी की ओर से आयोजित कार्यशाला में विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के शिक्षकों को ई-लर्निंग का कंटेंट बनाने का प्रशिक्षण दिया था।
सख्ती से हो वर्क फ्राम होम का पालन : प्रमुख सचिव
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा मोनिका गर्ग ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि सभी फैकेल्टी, कर्मचारी, छात्र और शोध छात्र के मोबाइल नंबर अपने पास रखें। जिससे कि विशेष परिस्थितियों में संपर्क स्थापित किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि शिक्षकों से आनलाइन पाठ्यसामग्री तैयार कराई जाए। सेशन प्लान तैयार किया जाए। क्वेश्चन बैंक के लिए इनोवेटिव क्वेश्चन तैयार करें। शोध कार्य को जारी रखें। एक भारत श्रेष्ठ भारत के संबंध में इनोवेटिव प्रोजेक्ट तैयार करें। साथ ही उन्होंने वर्क फ्राम होम के दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।