कोरोना से लड़ने में भारत बनेगा विश्व के लिए आदर्श, 18 साल बाद राहु का आर्द्रा नक्षत्र में संचार लाया महामारी
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संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। महामारी बन चुके इस वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। आने वाले 10 दिन यह तय करेंगे कि यह महामारी कौन सा रूप लेगी। काशी विद्वत परिषद की ज्योतिषीय गणना के अनुसार भारत इस महामारी से निपटने में संपूर्ण विश्व के लिए आदर्श स्थापित करेगा।
काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय का कहना है कि वर्तमान समय में राहु आर्द्रा नक्षत्र में संचार कर रहे हैं। यह संचार लगभग 18 सालों के बाद हो रहा है। राहु का आर्द्रा में संचरण 22 मई 2020 तक रहेगा। दूसरी तरफ भारत की कुंडली में चंद्रमा की महादशा में शनि की अंतर्दशा 2 दिसंबर 2019 से चल रही है। यह स्थितियां केंद्र सरकार के लिए मानसिक रूप से चिंताएं उत्पन्न करेगा।
परंतु शनि ग्रह वृष लग्न के लिए योगकारक है। इस महामारी में यह भारत को सुरक्षित रखेगा और पूरा देश सारी दुनिया केलिए आदर्श होगा। 30 मार्च को बृहस्पति ग्रह भारत की कुंडली में अर्थात नवमभाव में आ जाएंगे। इससे भारत को राहत महसूस हो सकती है। राहु के संचार को अगर सही अर्थों में लिया जाए तो यह निर्माण और नई चीजों के आविष्कार को जन्म देगा। इससे मानवता का भला होगा। यह वर्ष आर्थिक तौर पर उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। परंतु 2021 और 2022 आर्थिक तौर पर पूरे देश के लिए अनुकूल सिद्ध होंगे।
राहु के आर्द्रा में संचार से होती है बड़ी घटनाएं
ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि जब-जब राहु ग्रह ने आर्द्रा
नक्षत्र में संचार किया है विश्व में कोई न कोई बड़ी घटना, महामारी या
आर्थिक स्थिति को धक्का पहुंचता है। राहु ने आर्द्रा में 11 सितंबर 2019
से संचार किया है। इसके पूर्व अगस्त 2001 से अप्रैल 2002 तक राहु के
आर्द्रा में संचार से अमेरिका में 9/11 आतंकी हमला हुआ था। विश्व की
आर्थिक व्यवस्था को धक्का पहुंचा था। वर्तमान समय में भी विश्व भर में
आर्थिक बाजार और कोरोना ने हाहाकार मचा रखा है।
आर्द्रा का अर्थ है परिवर्तन
आर्द्रा नक्षत्र केसाथ जो चिन्ह हैं वे आंसू तथा डायमंड से संबंधित हैं।
आर्द्रा का अर्थ परिवर्तन तथा पुनर्निर्माण भी है। इस नक्षत्र के स्वामी
रुद्र हैं जोकि भगवान शिव की तरफ संकेत करते हैं। जब भी भगवान शिव रुद्र
के रूप में परिवर्तित होते हैं तो बड़े पैमाने पर विनाश और संहार होता है
और इसके बाद निर्माण की नई प्रक्त्रिस्या आरंभ होती है।
कोरोना का राशिवार प्रभाव
मेष, वृष, सिंह, कन्या, धनु और मकर राशि पर कोरोना का कोई असर नहीं होगा
मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि पर इस वायरस का ज्यादा प्रभाव होगा।
उपाय
सूर्य भगवान को अर्पित करें अर्घ्य
सूर्यास्त के समय कच्चा दूध कुत्ते को पिलाएं
बचाव के उपाय
दूध में हल्दी मिलाकर पीएं
गर्म पानी पीएं
ललाट पर शुद्ध सिंदूर का तिलक लगाएं
रोजना महामृत्युंजय मंत्र और शिव पंचाक्षरी मंत्र की एक माला का जाप करें
उपले पर रखकर रोजाना घर में कपूर जलाएं