वाराणसी: दो महीने में हुई 16 हजार विदेश से आए यात्रियों की स्क्रीनिंग, हाथ पर लगाई थी होम क्वारंटीन की मुहर
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से वाराणसी एयरपोर्ट पर बनाए गए हेल्पडेस्क में 2 महीने में आए 16 हजार यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसमें सभी के हाथों पर होम क्वारंटीन की मुहर लगाकर घर में रहने की सलाह दी गई थी।
कोरोना के संक्रमण को देखते हुए देश विदेश में रहने वाले बनारस, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के लोग लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर आए थे।
एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट पर बने हेल्प डेस्क में 23 जनवरी से 24 मार्च तक 16000 लोग की थर्मल स्क्रीनिंग कर घर में रहने की सलाह दी गई ती। इसके बावजूद बहुत से ऐसे लोग हैं जो इसका पालन नहीं कर रहे हैं। अब जब धीरे-धीरे संक्रमण बढ़ता जा रहा है। ऐसे सभी लोगों को अपनी जांच अस्पताल पहुंचकर कराने का निर्देश दिया गया है, जिससे कि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
ट्रेन या अन्य साधनों से आने वालों का कोई रिकॉर्ड नहीं
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एयरपोर्ट पर आने वालों की तो सूची बनाई गई है। लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जो दुबई, इटली, सऊदी अरब सहित अन्य देशों से दिल्ली तक तो फ्लाइट से आए, लेकिन यहां के बाद ट्रेन से बनारस आ गए। ऐसे लोगों का स्वास्थ्य विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इस वजह से इनकी तलाश करना मुश्किल है। अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों की खोज में लगा हुआ है जिन्होंने अपनी कोई जांच नहीं कराई है।
गांव में आने वालों की बन रही सूची
मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में यात्रा कर आने वालों की सूची भी बनवाई जा रही है। इसके लिए ब्लाकवार आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाहर से आने वालों का नाम, पता, मोबाइल और कहा से कब यात्रा कर आए हैं। यह सूची बना रही है। इसके लिए ग्राम प्रधानों की मदद ली जा रही है जिससे कि यात्रा कराने वालों के बारे में सही जानकारी मिल सके।
ऐसे सभी लोग जो 15 जनवरी के बाद यात्रा कर लौटे हैं। एहतियात के तौर पर सभी लोगों को अस्पताल पहुंचकर अपनी निशुल्क थर्मल स्क्रीनिंग करा लेनी चाहिए जिससे कि समय से पहले संक्रमण की जानकारी मिल सके।- डॉ शेर मोहम्मद, हेल्प डेस्क प्रभारी