कोरोना वायरस: श्रद्धालुओं के लिए बंद हुए विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा और मां कालीखोह के कपाट
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कोरोना के कहर से बचने के लिए पंडा समाज ने भी कमर कस ली है। मिर्जापुर प्रशासन ने मां विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा और मां कालीखोह मंदिर को अनिश्चतिकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय गुरुवार को मंदिर परिसर में स्थित पंडा समाज के कार्यालय के सभागार में आम सभा के बीच लिया गया।
यह फैसला शुक्रवार की मंगला आरती से प्रभावी होगा। कोरोना से बचने की शासन की गाइड लाइन के तहत जिला प्रशासन ने पंडा समाज के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ बैठक कर मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद करने का आग्रह किया था। इसमें कहा था कि जो दर्शनार्थी आएंगे, वह झांकी से मां का दर्शन करेंगे।
इस पर पंडा समाज ने कहा था कि वह गुरुवार को आम सभा करेंगे, जिसमें पंडा समाज के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। उसमें इस आग्रह और इस समस्या पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा। इसके बाद गुरुवार को हुई सभा में वक्ताओं ने पूरे प्रकरण को समाज के सामने रखा।
इस पर यह निर्णय लिया गया कि 25 मार्च से नवरात्र शुरू होने वाले हैं। इसमें लाखों दर्शनार्थी मां का दर्शन करने आते हैं। दर्शनार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए मंदिर को पूरे तौर पर बंद रखा जाए। इसके साथ ही मां अष्टभुजा और मां कालीखोह का मंदिर भी पूरी तरह से बंद रहेगा। बैठक में पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
झांकी से भी बंद रहेगा दर्शन
मंदिर की बंदी के दौरान झांकी से भी मां का दर्शन नहीं हो सकेंगे। लेकिन सभी मंदिरों में चारों आरती नियम पूर्वक की जाएंगी। पंडा समाज ने कहा कि मां सभी का कल्याण चाहती हैं। इसलिए मंदिर बंद किया जाता है। इससे प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा।