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आयुर्वेदिक दवाओं का ट्रायल पूरा, परिणाम सकारात्मक
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वाराणसी। बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स में भर्ती कोरोना मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को लेकर चल रहा आयुर्वेदिक दवाओं का ट्रायल लगभग पूरा हो गया है। इसके सकारात्मक परिणाम भी आए हैं। अब इसी आधार पर शोध में जुटी टीम उम्रवार मरीजों का डेटा बेस तैयार करा रही है। आयुष मंत्रालय को जल्द ही इसकी रिपोर्ट भी भेजी जाएगी।
बीएचयू आयुर्वेद संकाय के डॉ. पीएस ब्याडगी के निर्देशन में करीब 150 कोरोना मरीजों को अस्पताल में इलाज के दौरान दो ग्रुप में बांटकर आयुर्वेदिक दवा दी गई। इसमें पहले ग्रुप में गोजिव्हादी क्वाथ, संजीवनी बटी, पंचघव्य घृत, शुंठी चूर्ण जबकि दूसरे ग्रुप में भी गोजिव्हादी क्वाथ की जगह शिरषादी क्वाथ और बाकी पहले ग्रुप की सभी दवाएं दी गई।
डॉ. ब्याडगी के मुताबिक, वैध सुशील दुबे सहित आईएमएस बीएचयू के अन्य चिकित्सकों के सहयोग से चल रहे इस ट्रायल के सकारात्मक परिणाम आए हैं। केवल दो-तीन मरीजों में संक्रमण देखने को मिला, लेकिन सब सामान्य रहा। ट्रायल भी पूरा हो चुका है और अब उम्रवार मरीजों का आंकड़ा तैयार कराया जा रहा है। इससे उम्र के हिसाब से दवा के असर की सही जानकारी मिल सके। वैद्य सुशील दुबे के मुताबिक ट्रायल पूरा होने के बाद आयुष मंत्रालय को भी इसकी रिपोर्ट भेजने की तैयारी है।
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कोविड मरीजों के परिजनों पर भी दवा का बढ़िया असर
कोविड मरीजों के परिजनों पर भी दवा का बढ़िया असर देखने को मिला। वैद्य सुशील दुबे ने बताया कि कोविड मरीजों के करीब एक हजार परिजनों को शुंठी चूर्ण दिया गया है। सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स के काउंटर से दिए गए चूर्ण के बाद पता लगाया तो इसका सेवन करने वाले लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में तो वृद्धि हुई है। साथ ही किसी को कोई परेशानी भी नहीं है। बताया कि मरीजों के परिजनों को दवा देने के साथ ही उनकी सेहत की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, इससे कि किसी तरह की समस्या के बारे में जानकारी मिल सके।
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बीएचयू आयुर्वेद संकाय के डॉ. पीएस ब्याडगी के निर्देशन में करीब 150 कोरोना मरीजों को अस्पताल में इलाज के दौरान दो ग्रुप में बांटकर आयुर्वेदिक दवा दी गई। इसमें पहले ग्रुप में गोजिव्हादी क्वाथ, संजीवनी बटी, पंचघव्य घृत, शुंठी चूर्ण जबकि दूसरे ग्रुप में भी गोजिव्हादी क्वाथ की जगह शिरषादी क्वाथ और बाकी पहले ग्रुप की सभी दवाएं दी गई।
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डॉ. ब्याडगी के मुताबिक, वैध सुशील दुबे सहित आईएमएस बीएचयू के अन्य चिकित्सकों के सहयोग से चल रहे इस ट्रायल के सकारात्मक परिणाम आए हैं। केवल दो-तीन मरीजों में संक्रमण देखने को मिला, लेकिन सब सामान्य रहा। ट्रायल भी पूरा हो चुका है और अब उम्रवार मरीजों का आंकड़ा तैयार कराया जा रहा है। इससे उम्र के हिसाब से दवा के असर की सही जानकारी मिल सके। वैद्य सुशील दुबे के मुताबिक ट्रायल पूरा होने के बाद आयुष मंत्रालय को भी इसकी रिपोर्ट भेजने की तैयारी है।
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कोविड मरीजों के परिजनों पर भी दवा का बढ़िया असर
कोविड मरीजों के परिजनों पर भी दवा का बढ़िया असर देखने को मिला। वैद्य सुशील दुबे ने बताया कि कोविड मरीजों के करीब एक हजार परिजनों को शुंठी चूर्ण दिया गया है। सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स के काउंटर से दिए गए चूर्ण के बाद पता लगाया तो इसका सेवन करने वाले लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में तो वृद्धि हुई है। साथ ही किसी को कोई परेशानी भी नहीं है। बताया कि मरीजों के परिजनों को दवा देने के साथ ही उनकी सेहत की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, इससे कि किसी तरह की समस्या के बारे में जानकारी मिल सके।