Corona Update: वाराणसी में कोरोना के 21 मामले सामने आए, चार दिन में तीन नवजात भी कोविड संक्रमित
वाराणसी में बुधवार को कोरोना के 21 मामले सामने आए। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के बाद अब ट्रॉमा सेंटर में भी मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।
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वाराणसी में बीएचयू के दस मेडिकल छात्र, दो बच्चे समेत 21 लोगों में बुधवार को संक्रमण की पुष्टि हुई है। मेडिकल छात्रों में आर्या हॉस्टल में सबसे अधिक छह छात्र हैं। इसके अलावा बीएचयू कैंपस में रहने वाली 57 वर्षीय महिला प्रोफेसर, कछवा निवासी शोध छात्र, जयपुर से ट्रेन से वाराणसी आने वाले 82 वर्षीय बुजुर्ग में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कुल 323 संक्रमितों में 191 के होम आइसोलेशन में स्वस्थ होने के बाद 132 सक्रिय केस हैं। कोरोना का संक्रमण महिलाओं, किशोरों के साथ ही बच्चों में अधिक देखने को मिल रहा है। बीते पांच दिन में एक साल से कम उम्र के तीन नवजात संक्रमित हो चुके हैं। तीनों नवजात घर के सदस्य के संपर्क में आने की वजह से संक्रमित हुए हैं।
एक बच्चा बीएचयू अस्पताल में भर्ती
मार्च से लेकर 26 अप्रैल तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 322 पहुंच गई है। इनमें अप्रैल में 303 मामले मिले हैं। इसमें 18 साल से कम उम्र वालों की संख्या 30 से 40 है।
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स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल बुलेटिन में हर दिन 15 साल से कम उम्र वाले दो से तीन केस मिल रहे हैं। 26 अप्रैल को भी 10 और 11 साल के दो बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसमें एक बच्चे को 25 अप्रैल को बीएचयू में भर्ती करना पड़ा।
भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार राय ने कहा कि कोरोना का संक्रमण जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे बचाव का कोविड प्रोटोकॉल ही एक मात्र उपाय है। घर में अगर छोटे बच्चे हैं तो उन्हें भीड़भाड़ वाली जगह पर ले जाने से बचना चाहिए। खांसी, बुखार या पेट संबंधी बीमारी हो तो तुरंत जांच करानी चाहिए। यह भी कोविड के लक्षण है।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कोविड प्रोटोकॉल जरूरी
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के बाद अब ट्रॉमा सेंटर में भी मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। मरीजों और तीमारदारों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। ट्रॉमा सेंटर में केवल वाराणसी और आसपास ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड के भी लोग इलाज के लिए आते हैं। सभी जगहों पर कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
इसे देखते हुए ओपीडी, इमरजेंसी सहित सभी जगहों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि थोड़ी सी सतर्कता से हम खुद को ही नहीं बल्कि आसपास के लोगों को संक्रमण से बचा सकते हैं। इसके लिए मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना और दो गज की दूरी का पालन करना जरूरी है।