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कोरोना का कहर : वाराणसी में अप्रैल माह में दीवानी कचहरी के 30 अधिवक्ताओं की हुई मौत
Sat, 01 May 2021 10:59 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 01 May 2021 10:59 AM IST
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कोरोना का नया स्वरूप
- फोटो : pixabay
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वाराणसी में कोरोना वायरस के संक्रमण के कहर से दीवानी कचहरी भी अछूती नहीं है। बीते अप्रैल माह में 30 अधिवक्ताओं की मौत से उनके साथियों में भय का माहौल व्याप्त है। इन 30 अधिवक्ताओं में से 90 फीसदी ऐसे हैं जिनकी मौत की वजह कोरोना वायरस का संक्रमण था। अधिवक्ताओं की मांग है कि उनके जो भी साथी इस माहामारी में अपनी जान गवाएं हैं, प्रदेश सरकार उनके परिजनों को आर्थिक मदद दे।
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दीवानी कचहरी के जिन अधिवक्ताओं की मौत हुई है उनमें सुहैल अंसारी, ज्ञानचंद्र खत्री, विकास कुमार सिंह, अजय शंकर पांडेय, अजया नंद मिश्र, आशीष पटेल, अनिल कुमार वर्मा, डीपी श्रीवास्तव, वसीम खान, बाबू आनंद राय, इंद्र विशाल दीक्षित, कृपा शंकर सिंह, सीताराम, जयशंकर लाल श्रीवास्तव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, केएलके चंदानी, राधिका रमण लाल श्रीवास्तव, डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह रंजन, श्रीपति नरायन सिंह, राजेंद्र श्रीवास्तव, मुकुंद नरायन सिंह, जयप्रकाश सिंह जेपी, अमरेश पांडेय, सतीश उपाध्याय, यतींद्र नरायन सिंह, योगेंद्र नारायण सिंह, आमोल सिन्हा, श्याम नरायन, मुरलीमनोहर सिन्हा और मंगला प्रसाद तिवारी शामिल हैं।
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इस तरह से देखा जाए तो औसतन प्रतिदिन एक अधिवक्ता की मृत्यु हुई है, जबकि अप्रैल माह में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण अधिकांशतया दीवानी कचहरी बंद ही रही है। वहीं, इस महामारी के दौर में जिला जज समेत 24 न्यायिक अधिकारी और उनके परिजन भी संक्रमित हुए। इसके अलावा अदालत कर्मी और अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित हुए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जिन अधिवक्ताओं की मौत हुई है उनके परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद सरकार दे। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय ने साथी अधिवक्ताओं से घर में ही सुरक्षित रहने की अपील की है।
वहीं, अधिवक्ताओं की मृत्यु और उनके संक्रमण पर यूपी बार काउंसिल की चुप्पी को लेकर वकीलों ने हैरानी जताई है। बार के पदाधिकारियों राजा आनंद ज्योति सिंह, विनय सिंह पिंटू, प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि पुतला दहन और विरोध का दबाब बनाया गया तब एक एंबुलेंस और कचहरी अस्पताल में दो ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई।
कचहरी में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मृत्यु पर शासन व प्रशासन की नाकामियों को लेकर वकीलों में जबरदस्त आक्रोश है। उधर, बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में सेनेटाइजेशन के साथ ही मास्क और खाद्यान्न वितरण किया गया। दूसरी लहर विनाशकारी होने के बावजूद कोई व्यवस्था ही नहीं दिख रही है।
वहीं, अधिवक्ताओं की मृत्यु और उनके संक्रमण पर यूपी बार काउंसिल की चुप्पी को लेकर वकीलों ने हैरानी जताई है। बार के पदाधिकारियों राजा आनंद ज्योति सिंह, विनय सिंह पिंटू, प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि पुतला दहन और विरोध का दबाब बनाया गया तब एक एंबुलेंस और कचहरी अस्पताल में दो ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई।
कचहरी में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मृत्यु पर शासन व प्रशासन की नाकामियों को लेकर वकीलों में जबरदस्त आक्रोश है। उधर, बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में सेनेटाइजेशन के साथ ही मास्क और खाद्यान्न वितरण किया गया। दूसरी लहर विनाशकारी होने के बावजूद कोई व्यवस्था ही नहीं दिख रही है।